Gold-Silver Price Crash: कमोडिटी मार्केट में सोमवार की शुरुआत ही जबरदस्त गिरावट के साथ हुई और सोना-चांदी की कीमतें भरभराकर नीचे आ गईं। सुबह बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं में तेज बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।
सोने-चांदी के दामों में बड़ी गिरावट
सोने की कीमत 10 ग्राम पर 1.37 लाख रुपये के नीचे फिसल गई। दिन के कारोबार में इसमें करीब 7,600 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी की बात करें तो इसके दाम भी 14,000 रुपये से ज्यादा टूटकर 2.13 लाख रुपये प्रति किलो के नीचे आ गए।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर
वैश्विक बाजार में भी कमजोरी का माहौल रहा। कॉमेक्स पर सोना करीब 5.50% गिरकर 4,359 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी 6.65% टूटकर 65.08 डॉलर प्रति औंस तक आ गई। अंतरराष्ट्रीय दबाव का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।
MCX पर क्या है ताजा हाल?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी गिरावट साफ नजर आई-
• सोने का 2 अप्रैल 2026 कॉन्ट्रैक्ट करीब 7,600 रुपये टूटकर 1,36,873 रुपये पर आ गया
• कारोबार के दौरान सोने ने 1,36,403 रुपये का निचला स्तर और 1,40,158 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ
वहीं चांदी-
• 5 मई 2026 कॉन्ट्रैक्ट करीब 14,500 रुपये गिरकर 2,12,277 रुपये पर पहुंच गया
• चांदी ने दिन में 2,11,086 रुपये का निचला और 2,17,702 रुपये का उच्चतम स्तर दर्ज किया
दोपहर तक की ट्रेडिंग में सोना करीब 1,33,500 रुपये और चांदी 2,03,239 रुपये के आसपास कारोबार करती दिखी।
आखिर क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस भारी गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं
• महंगाई को लेकर बढ़ती चिंता
• ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी
• वैश्विक निवेशकों का सुरक्षित निवेश से दूरी बनाना
इसके अलावा, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार में अस्थिरता बढ़ा दी है।
जियो-पॉलिटिकल तनाव बना बड़ा फैक्टर
मध्य-पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। हाल ही में अमेरिका की ओर से ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए सख्त चेतावनी दी गई। इसके जवाब में ईरान ने भी क्षेत्रीय ठिकानों पर हमले और जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी दी है। यह तनाव अब लगातार चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, जिससे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। इसी अनिश्चितता ने निवेशकों के भरोसे को हिलाकर रख दिया है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
सोना-चांदी में आई यह गिरावट शॉर्ट टर्म में दबाव दिखाती है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितता के चलते आगे फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर, बाजार इस समय बेहद संवेदनशील दौर में है, जहां हर वैश्विक खबर सीधे कीमतों को प्रभावित कर रही है।
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