Stock Market Crash: हफ्ते की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। सोमवार सुबह जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों को भारी झटका लगा। कुछ ही मिनटों में बाजार में ऐसी गिरावट आई कि हर तरफ लाल निशान छा गया और निवेशकों के अरबों रुपये स्वाहा हो गए।
खुलते ही बाजार में सुनामी
सुबह करीब 9:16 बजे, BSE Sensex में 1,474 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 73,000 के आसपास आ गया। वहीं Nifty 50 भी 430 अंकों से ज्यादा टूटकर 22,600 के करीब पहुंच गया। शुरुआती मिनटों में ही आई इस गिरावट ने बाजार का पूरा माहौल बिगाड़ दिया और निवेशकों में घबराहट फैल गई।
इन दिग्गज शेयरों ने बढ़ाया दबाव
आज की गिरावट में कई बड़े नाम शामिल रहे। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा और HDFC बैंक जैसे शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। हालांकि, इस गिरावट के बीच मैक्स हेल्थकेयर और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन जैसे कुछ शेयरों में हल्की मजबूती भी नजर आई।
हर सेक्टर में लाल निशान
बाजार में गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। ऑटो, बैंकिंग, मेटल, मीडिया और PSU बैंक लगभग सभी सेक्टर्स 2% तक गिर गए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की हालत भी खराब रही, जहां 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। यह साफ संकेत है कि बाजार में चौतरफा दबाव बना हुआ है।
आखिर क्यों टूटा बाजार?
इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह वैश्विक तनाव है। खासकर मिडिल ईस्ट में बढ़ते संकट और डोनाल्ड ट्रम्प की सख्त चेतावनी ने बाजार को हिला दिया है। ट्रम्प ने ईरान को 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होरमज़ खोलने का अल्टीमेटम दिया है। ऐसा न करने पर ऊर्जा ठिकानों पर हमले की धमकी दी गई है। इस बयान के बाद ग्लोबल सप्लाई चेन पर खतरा मंडराने लगा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है।
• डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 100 डॉलर के आसपास पहुंच गया
• कच्चा तेल 112 डॉलर के पार निकल गया
तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी है।
एशियाई बाजारों में भी तबाही
इस संकट का असर सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट देखी गई।
• कोस्पी 4.5% से ज्यादा गिरा
• निक्केई 225 में 4% से ज्यादा की कमजोरी
ऊर्जा एजेंसी International Energy Agency के प्रमुख फातिह बिरोल ने भी चेतावनी दी है कि दुनिया एक बड़े ऊर्जा संकट की ओर बढ़ रही है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरा झटका दे सकता है।
निवेशकों के लिए संकेत
बाजार की यह गिरावट सिर्फ एक दिन की घटना नहीं हो सकती। वैश्विक तनाव, महंगा तेल और अनिश्चितता आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल बाजार में डर हावी है और जब तक हालात सामान्य नहीं होते, उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका बनी हुई है।
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