Stock Market Update: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही निवेशकों के चेहरे खिल उठे, जब सेंसेक्स और निफ्टी दोनों हरे निशान पर मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 550 अंकों से ज्यादा उछलकर 78,600 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने भी मजबूती दिखाते हुए अहम स्तरों को पार कर लिया।
बाजार की दमदार शुरुआत
सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 566 अंकों की तेजी के साथ 78,600 के ऊपर खुला। कुछ ही देर में यह और ऊपर चढ़ते हुए 78,700 के करीब पहुंच गया। वहीं निफ्टी ने भी बढ़त के साथ शुरुआत करते हुए 24,300 के स्तर को पार कर लिया और आगे बढ़ते हुए 24,400 के करीब तक पहुंच गया। करीब 10:30 बजे के आसपास भी बाजार में सकारात्मक रुख कायम रहा, हालांकि शुरुआती तेजी के बाद थोड़ी मुनाफावसूली देखने को मिली। इसके बावजूद दोनों प्रमुख सूचकांक मजबूत स्थिति में बने रहे।
मार्केट कैप में जबरदस्त उछाल
बाजार में आई इस तेजी का असर कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण पर भी साफ दिखा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों की कुल वैल्यू में 25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ, जिससे कुल मार्केट कैप बढ़कर लगभग 462 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
क्यों आई बाजार में तेजी?
विशेषज्ञों के अनुसार, इस उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं-
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव में कमी
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत की उम्मीद
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
विदेशी निवेशकों (FII) की बाजार में वापसी
इन सभी कारकों ने मिलकर निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया और बाजार में खरीदारी बढ़ी।
किन शेयरों ने दिखाई ताकत?
तेजी के इस माहौल में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। आईटी, मेटल और फाइनेंस सेक्टर के स्टॉक्स ने बाजार को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई। कुछ बड़े नामों के शेयर टॉप गेनर्स में रहे, जबकि फार्मा और कुछ कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों पर हल्का दबाव देखने को मिला।
वैश्विक बाजारों का असर
एशियाई बाजारों में भी मजबूती का रुख देखने को मिला, जिससे भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला। वहीं अमेरिकी बाजार भी पिछली रात सकारात्मक बंद हुए थे। इस बीच कच्चे तेल की कीमतें भी स्थिर रहीं, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए राहत की बात है।
विशेषज्ञों की राय
बाजार जानकारों का मानना है कि वैश्विक तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता ने जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाया है। साथ ही, विदेशी निवेशकों द्वारा फिर से खरीदारी शुरू करना बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है।
आगे क्या रहेगा रुख?
अगर वैश्विक स्तर पर हालात स्थिर बने रहते हैं और कच्चे तेल की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होता, तो आने वाले दिनों में बाजार की यह तेजी बरकरार रह सकती है। हालांकि, निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि किसी भी नकारात्मक खबर का असर बाजार पर तुरंत पड़ सकता है। फिलहाल, बाजार में जोश लौटता दिख रहा है, अब देखना यह होगा कि यह तेजी लंबी दौड़ का हिस्सा बनती है या सिर्फ एक अस्थायी उछाल साबित होती है।
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