Gold-Silver Price Crash: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच जहां आमतौर पर सोना-चांदी की कीमतें आसमान छूती हैं, वहीं इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आ रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के 37 दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है।
चांदी में भारी गिरावट
युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी के आसपास हुई थी, जब अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर हमला किया। इससे पहले 27 फरवरी को MCX पर चांदी का वायदा भाव करीब 2,82,644 रुपये प्रति किलो था। अब हालात ये हैं कि चांदी की कीमत गिरकर करीब 2,32,600 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। यानी इस दौरान चांदी 50,000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। इतना ही नहीं, अपने उच्चतम स्तर से चांदी की कीमतों में दो लाख रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।
सोना भी नहीं बचा
चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेज गिरावट देखी गई है। 27 फरवरी को MCX पर 24 कैरेट सोने का भाव 1,65,659 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो अब घटकर करीब 1,49,650 रुपये पर आ गया है। इस हिसाब से सोना करीब 16,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। अगर इसके ऑल टाइम हाई की बात करें, तो सोना 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच चुका था, जहां से अब यह 50,000 रुपये से ज्यादा नीचे आ चुका है।
जंग के बावजूद क्यों गिरे दाम?
आम तौर पर युद्ध के समय निवेशक सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर भागते हैं, जिससे कीमतें बढ़ती हैं। लेकिन इस बार हालात अलग हैं।
कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, जिससे महंगाई का दबाव बढ़ा है।
निवेशक जोखिम से बचने के लिए कैश को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सबसे अहम बात डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और 100 के पार बना हुआ है।
मजबूत डॉलर की वजह से सोना-चांदी पर दबाव बना हुआ है, जिससे इनके दाम गिरते जा रहे हैं।
आगे क्या होगा?
जंग अभी थमती नजर नहीं आ रही। ऐसे में बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। क्या सोना-चांदी और सस्ते होंगे या फिर अचानक उछाल आएगा यह पूरी तरह आने वाले दिनों में वैश्विक हालात और निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगा।
निवेशकों के लिए संकेत
यह गिरावट उन लोगों के लिए मौका हो सकती है जो लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं। लेकिन मौजूदा अनिश्चितता को देखते हुए सावधानी बरतना भी बेहद जरूरी है। जंग के माहौल में जहां सोना-चांदी को सुरक्षित माना जाता है, वहीं इस बार बाजार ने अलग ही कहानी लिख दी है और यही बात इसे और ज्यादा दिलचस्प बना रही है।
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