Vikram Bhatt walk out of Jail: सुप्रीम कोर्ट ने 30 करोड़ रुपए के फ्रॉड मामले में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेताबंरी भट्ट को जमानत दे दी है। दोनों पिछले ढाई महीने से उदयपुर की सेंट्रल जेल में बंद थे। जेल से बाहर आने के बाद वह पहले भगवान शिव के मंदिर गए और मत्था टेककर आशीर्वाद लिया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने विक्रम भट्ट को सुझाव दिया कि वह और विपक्षी पार्टी दोनों मध्यस्थता केंद्र जाएं और आपसी समझौते से मामले को सुलझाने की कोशिश करें।
विक्रम ने खुद को बताया कृष्ण भक्त
फ्रॉड मामले में राहत मिलने के बाद फिल्ममेकर विक्रम भट्ट ने मीडिया से कहा कि वह भगवान कृष्ण के भक्त हैं और जेल उनका 5वां निवास है। उन्होंने कहा, ‘मैंने ढाई महीने जेल में बिताए हैं। मुझे न केवल उम्मीद थी, बल्कि पूरा विश्वास था कि यहां की कानून व्यवस्था कायम रहेगी और सच्चाई जरूर सामने आएगी। जेल में मेरी एक दोस्त बनी, जिसने मुझे मेवाड़ की मिट्टी के बारे में बताया। उसने कहा कि मेवाड़ की मिट्टी में सच्चाई को भले ही परेशानी हो, पर उसे हराया नहीं जा सकता। मैं मेवाड़ की इसी मिट्टी का तिलक लगाकर यहां से विदा हो रहा हूं, यहां सच्चाई की हमेशा जीत होगी।’
सझिए पूरा मामला क्या है
नवंबर 2025 में उदयपुर में फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ। इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने भूपालपुरा थाने में शिकायत दी। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी दिवंगत पत्नी की याद में बायोपिक बनाने के लिए विक्रम भट्ट की कंपनी से समझौता किया था। उन्होंने पैसे भी दिए और चार फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया, लेकिन आरोप है कि कंपनी ने तय समय पर कोई फिल्म नहीं बनाई।
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