होम = Breaking = ईरान युद्ध के बीच अमेरिका हुआ इजरायल से नाराज़! कहा- तेहरान में 30 तेल डिपो को टार्गेट करने का फैसला गलत था

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका हुआ इजरायल से नाराज़! कहा- तेहरान में 30 तेल डिपो को टार्गेट करने का फैसला गलत था

Iran-Israel US War News: ईरान युद्ध युद्ध के बीच पहली बार अमेरिका और इजरायल के बीच गंभीर मतभेद सामने आए हैं। इजरायल ने बीते दिन ईरान के 30 तेल डिपो पर एक साथ बड़े हमले किए। इस हमले से तेल डिपो पूरी तरह से नष्ट हो गया। इस हमले ने अमेरिका को चौंका दिया। अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को बेहद व्यापक बताते हुए इसे क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाला ‘गलत कदम’ बताया है।

‘ट्रंप को पसंद नहीं आया इजरायल का तेल डिपो पर हमला’

 इजरायली सेना ने तेल डिपो पर हमले से पहले अमेरिका को सूचना तो दी थी, लेकिन हमलों का दायरा उम्मीद से कहीं ज्यादा बड़ा निकला। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि वे इस बात से हैरान थे कि हमले का असर इतने बड़े पैमाने पर होगा। उन्होंने इस फैसले को ‘एक बुरा विचार’ बताया है। एक इजरायली अधिकारी के अनुसार, वाशिंगटन का संदेश बेहद सख्त था, जिसे उन्होंने ‘WTF’ के रूप में बतलाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सलाहकार ने कहा, ‘राष्ट्रपति को यह हमला पसंद नहीं आया। वे तेल को बचाना चाहते हैं, जलाना नहीं। ऐसे दृश्यों से लोगों को बढ़ती महंगाई और पेट्रोल की कीमतों की याद आती है।’

तेहरान के आसमान में छा गया था कालापन

इजरायली हवाई हमलों के बाद तेहरान में डरावना मंजर देखने को मिला। तेल डिपो में लगी भीषण आग से उठे धुएं और कालिख के कण आसमान में फैलकर बादलों के साथ मिल गए। इसके बाद जब राजधानी में बारिश हुई तो वह ‘काली बारिश’ के रूप में गिरी, जिसने सड़कों, कारों और इमारतों की छतों को काले अवशेषों से ढक दिया। इस जहरीली बारिश ने शहर में स्वास्थ्य और पर्यावरण को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

$200 पहुंच सकता है कच्चे तेल का बैरल

अमेरिका और इजरायल के बीच इस खींचतान की कई वजहें बताई जा रही हैं। वाशिंगटन को डर है कि आम जनता से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने से ईरानी लोग सरकार के खिलाफ होने के बजाय उसके समर्थन में खड़े हो सकते हैं। हालांकि हमलों का सीधा निशाना तेल उत्पादन केंद्र नहीं थे, लेकिन जलते हुए फ्यूल डिपो के वीडियो ने वैश्विक बाजार की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र के तेल ठिकानों को निशाना बनाया, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

ये भी पढ़ें: ईरान को 10वें दिन मिला नया सुप्रीम लीडर, मोजतबा के पद संभालते इजरायल की तरफ दागी गई पहली मिसाइल

बंगाल