UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट विधानसभा में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में बजट प्रस्तुत करते हुए इसे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला दस्तावेज बताया। बजट में बुनियादी ढांचा, कानून-व्यवस्था, कृषि और औद्योगिक निवेश को प्राथमिकता दी गई है।
वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का आकार 30.25 लाख करोड़ रुपये आंका गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह बजट उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में ठोस रणनीति प्रस्तुत करता है।
एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस में अव्वल
सुरेश खन्ना ने बताया कि अवस्थापना विकास के क्षेत्र में प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने लैंड-लॉक्ड राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन के मामले में भी प्रदेश देश में अग्रणी है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा के उत्पादन में यूपी का राष्ट्रीय योगदान सबसे अधिक है।
सिंचाई और फसल सघनता में वृद्धि
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश का सिंचित क्षेत्र 2.16 करोड़ हेक्टेयर था, जो 2024-25 में बढ़कर 2.76 करोड़ हेक्टेयर हो गया है। इसी तरह फसल सघनता 162.7 प्रतिशत से बढ़कर 193.7 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
ऊर्जा उत्पादन में विस्तार
ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में ताप विद्युत उत्पादन क्षमता 5,878 मेगावॉट थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 9,120 मेगावॉट हो गई है, यानी 55 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि। इसके साथ ही राज्य में 2,815 मेगावॉट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है।
मुख्यमंत्री का वक्तव्य
बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बजट विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि जनता के विश्वास के बल पर सरकार लगातार दसवीं बार समावेशी विकास का बजट पेश कर रही है, जो नए उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव साबित होगा।
उत्तर प्रदेश में युवाओं को मुफ्त प्रशिक्षण: 23,000 से अधिक लाभार्थी
पिछले पांच वर्षों में प्रदेश के 9.25 लाख युवाओं को विभिन्न अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से तैयार किया गया, जिनमें से 4.22 लाख युवाओं को प्रमुख कंपनियों में रोजगार मिला।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत वर्तमान में 163 अभ्युदय केंद्रों पर 23,000 से अधिक युवाओं को निशुल्क कोचिंग दी जा रही है।
युवाओं को नीति निर्माण और उसके कार्यान्वयन में शामिल करने के उद्देश्य से 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
स्वामी विवेकानन्द युवा-सशक्तिकरण योजना के तहत अब तक लगभग 49.86 लाख टैबलेट और स्मार्टफोन मुफ्त वितरित किए गए हैं।
प्रदेश के 90,000 मंगल दलों को खेल सामग्री के रूप में प्रोत्साहन प्रदान किया गया है।
यूपी बजट 2026: मेरठ, मथुरा और कानपुर में 750 करोड़ की नई योजनाएं
मेरठ, मथुरा और कानपुर में नई योजनाओं के लिए कुल 750 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि अयोध्या के लिए 100 करोड़ रुपये निर्धारित हैं।
सरकार ने अब तक 10 लाख रोजगार सृजित किए हैं और 40 लाख टैबलेट वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में यूपी को दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा।
प्रदेश के सांस्कृतिक और पुरातात्विक स्थलों सारनाथ और हस्तिनापुर के विकास के लिए भी बजट में प्रावधान है।
प्रत्येक जिला अस्पताल में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर, छात्राओं के हॉस्टल, 10,000 टूरिस्ट गाइडों के कौशल संवर्धन जैसी योजनाओं से लाभ मिलेगा।
किसानों को नलकूप से सिंचाई के लिए 1 अप्रैल, 2023 से मुफ्त बिजली की सुविधा दी जा रही है।
गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सरकार ने अब तक 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया है, जो पिछले 22 वर्षों के कुल 2,13,519 करोड़ रुपये से 90,802 करोड़ रुपये अधिक है।
पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त लाभ होगा।
रबी विपणन वर्ष 2025-26 में 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदकर 2,512 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 42.96 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर 9,710 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया।
साथ ही, 54,253 किसानों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदकर 595 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान
सरकार ने बजट में शिक्षा के लिए 12.4% और स्वास्थ्य के लिए 6% धनराशि आवंटित की है।
पूंजीगत व्यय के लिए 19.5% बजट निर्धारित किया गया है।
उत्तर प्रदेश में 43,000 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शुरू होंगी, साथ ही स्टेट डेटा अथॉरिटी और डेटा सेंटर क्लस्टर स्थापित किए जाएंगे।
सड़क और पुल निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जबकि सड़क चौड़ीकरण के लिए 3,000 करोड़ और सिंचाई योजनाओं के लिए 18,000 करोड़ रुपये निर्धारित हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देते हुए उद्योगों के पंजीकरण और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को और आसान बनाया जाएगा।
युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल विकास के कार्यक्रम मिशन मोड में प्राथमिकता के आधार पर संचालित किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश की विकास प्रगति और रैंकिंग
सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में प्रदेश में समग्र विकास हुआ है कानून व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, युवा कौशल संवर्धन, किसानों की खुशहाली और गरीबी उन्मूलन में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
वर्ष 2024-25 में प्रदेश की जीएसडीपी 30.25 लाख करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13.4% अधिक है।
प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपये है, जो वर्ष 2016-17 में 54,564 रुपये की तुलना में दोगुनी से अधिक है।
वर्ष 2025-26 में प्रति व्यक्ति आय लगभग 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है।
लगभग 6 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाया गया है। बेरोजगारी दर केवल 2.24% है।
फरवरी 2024 में चौथे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया गया।
एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग 2018-19 में 29वें स्थान से बढ़कर 2023-24 में 18वें स्थान पर पहुंच गई है।
ये भी पढ़ें: Budget Session: लोकसभा में कुर्सी पर स्पीकर बिरला ने नहीं बैठने का किया ऐलान, सदन में 12 बजे बोलेंगे राहुल गांधी

