USA–Israel Relations: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बुधवार को व्हाइट हाउस में अहम बैठक हुई है। वहीं इस बैठक में ईरान के मुद्दे पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। यह बैठक करीब दो घंटे चली है, बंद कमरे की चर्चा के बाद दोनों पक्षों ने संवाद जारी रखने पर सहमति जताई। सत्ता में वापसी के बाद नेतन्याहू के साथ ट्रंप की यह सातवीं मुलाकात थी।
‘बातचीत जारी रहेगी’: ट्रंप
बैठक के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि फिलहाल कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ वार्ता को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि संभावित समझौते की गुंजाइश तलाशी जा सके। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि कूटनीतिक समाधान निकलता है तो वही प्राथमिकता होगी, अन्यथा आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि इस रुख पर नेतन्याहू की पूरी सहमति बनी या नहीं।
परमाणु मुद्दे से आगे बढ़ाने की मांग
सूत्रों के अनुसार, इजरायल चाहता है कि बातचीत केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम तक सीमित न रहे, बल्कि बैलिस्टिक मिसाइलों और क्षेत्रीय गतिविधियों को भी इसमें शामिल किया जाए। नेतन्याहू ने बैठक में इजरायल की सुरक्षा चिंताओं को प्रमुखता से उठाया, लेकिन इस पर अमेरिकी रुख स्पष्ट नहीं हुआ। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि केवल परमाणु समझौता ईरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह सीमित नहीं कर पाएगा।
सैन्य विकल्प पर भी संकेत
ट्रंप ने पूर्व में कहा है कि यदि कूटनीति विफल होती है तो सैन्य विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है। वहीं, ईरान ने किसी भी संभावित हमले का जवाब देने की चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने ‘बिना परमाणु हथियार और बिना मिसाइल’ वाले समझौते की बात कही, हालांकि उन्होंने विस्तृत योजना साझा नहीं की।
गाज़ा और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा
बैठक में गाज़ा की स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ। संघर्ष विराम और पुनर्निर्माण को लेकर प्रयास जारी हैं, लेकिन हमास के निरस्त्रीकरण और इजरायली सेना की वापसी जैसे मुद्दों पर मतभेद बरकरार हैं। ट्रंप ने मध्य पूर्व में शांति की दिशा में प्रगति का दावा किया।
‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल में इजरायल
नेतन्याहू ने संकेत दिया कि इजरायल, ट्रंप की ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल में शामिल होगा। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात के बाद इस दिशा में समर्थन जताया।
बैठक अपेक्षाकृत शांत माहौल में संपन्न हुई। मीडिया को सीमित जानकारी दी गई और केवल एक आधिकारिक तस्वीर जारी की गई, जिसमें दोनों नेता हाथ मिलाते नजर आए।
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