Trump Said on NATO: ईरान युद्ध के बीच नाटो देशों के बंटे होने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सैन्य संगठन पर बड़ा खुलासा किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि यह संगठन (नाटो गठबंधन) एक ‘कागजी शेर’ है। उन्होंने दावा किया कि यूके के पास तो नौसेना भी नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू में बताया कि वह नाटो से अमेरिका को बाहर निकालने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं, क्योंकि ईरान के खिलाफ उनकी जंग में नाटो ने उनका साथ नहीं दिया।
ट्रंप अब नाटो को क्यों नहीं मानते रक्षा सहयोगी
इंटरव्यू में दिया गया अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान अब तक का सबसे मजबूत संकेत है कि वाइट हाउस अब यूरोप को एक भरोसेमंद रक्षा सहयोगी नहीं मानता। गौ अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान युद्ध के बीच नाटो देशों से होर्मुज स्ट्रेट पर आईआरजीसी के नियंत्रण के खिलाफ कार्रवाई और अपने युद्धपोत भेजने की बात कही थी। लेकिन नाटो देशों ने ट्रंप की अपील पर कोई रूची नहीं दिखाई।
‘मैं NATO से कभी प्रभावित नहीं हुआ’
ट्रंप से पूछा गया कि क्या इस टकराव के बाद वह इस गठबंधन में अमेरिका की सदस्यता पर फिर से विचार करेंगे। उन्होंने जवाब दिया, ‘ओह हां, मैं कहूंगा कि [यह] फिर से विचार करने की बात से भी आगे निकल चुका है।’ ‘मैं NATO से कभी प्रभावित नहीं हुआ। मुझे हमेशा से पता था कि वे कागजी शेर हैं, और वैसे पुतिन भी यह बात जानते हैं।’
नाटो में हैं 32 देश
नाटो अमेरिका समेत 32 देशों का सैन्य संगठन है। जहां राजनीतिक के अलावा सुरक्षा संबंधी मामलों पर सर्वसम्मति से फैसले लिए जाते हैं। इसका गठन 4 अप्रैल 1949 में यूरोप और नॉर्थ अमेरिका के 12 देशों ने मिलकर किया था। पिछले कुछ महीनों से अमेरिका और नाटो देश के बीच रिश्तों में देखने को मिला था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा नाटो देशों पर टैरिफ और ग्रीनलैंड पर कंट्रोल पाने वाले बयानों से नाटो देश अहसज दिखे थे।

