Board of Peace: गाजा में युद्ध से तबाह इलाकों के पुनर्निर्माण को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने नई पहल की घोषणा की है। रविवार को ट्रंप ने अपने नवगठित ‘Board of Peace’ के माध्यम से गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 5 अरब डॉलर देने का वादा किया। उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड से जुड़े देश शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हजारों सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने पर सहमत हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ‘Board of Peace’ वैश्विक स्तर पर सबसे प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय मंच बन सकता है और इसकी अगुवाई करना उनके लिए गर्व की बात है। इस पहल से जुड़े औपचारिक ऐलान गुरुवार को वॉशिंगटन में होने वाली पहली बैठक में किए जाएंगे।
किन देशों की होगी भागीदारी?
हालांकि बोर्ड में 20 से अधिक देशों के शामिल होने की बात कही गई है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि पहली बैठक में कौन-कौन देश हिस्सा लेंगे। ट्रंप ने यह भी नहीं बताया कि गाजा में पुनर्निर्माण या सुरक्षा बल भेजने की जिम्मेदारी किन देशों की होगी। इंडोनेशिया की सेना ने संकेत दिया है कि जून के अंत तक करीब 8,000 सैनिक मानवीय और शांति मिशन के तहत गाजा भेजे जा सकते हैं।
पहली बैठक में कौन रहेगा मौजूद?
वॉशिंगटन में प्रस्तावित पहली बैठक को लेकर अभी कई बातें साफ नहीं हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu, जिन्होंने हाल ही में ट्रंप से व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी, इस बैठक में शामिल नहीं होंगे।
शुरुआत में यह बोर्ड केवल इजरायल-हमास संघर्ष को रोकने के उद्देश्य से बनाया गया था, लेकिन अब इसका दायरा बढ़ाकर अन्य वैश्विक संकटों तक करने की योजना है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंच भविष्य में United Nations Security Council के विकल्प के रूप में उभर सकता है। हालांकि कई यूरोपीय देश और अमेरिका के सहयोगी इस पहल को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
बैठक का स्थान और विवाद
ट्रंप ने जानकारी दी कि बोर्ड की पहली बैठक United States Institute of Peace में आयोजित की जाएगी। विदेश विभाग ने दिसंबर में इसे ‘Donald J Trump US Institute of Peace’ नाम देने की बात कही थी।
हालांकि यह संस्थान इस समय कानूनी विवादों में घिरा हुआ है। पूर्व कर्मचारियों और अधिकारियों की ओर से दायर मुकदमे लंबित हैं, क्योंकि पिछले वर्ष प्रशासन ने यहां के अधिकांश कर्मचारियों को हटा दिया था।
गाजा के पुनर्निर्माण की बड़ी चुनौती
गाजा का पुनर्निर्माण आसान नहीं माना जा रहा है। United Nations, World Bank और European Union के संयुक्त आकलन के अनुसार, इस क्षेत्र को दोबारा खड़ा करने में करीब 70 अरब डॉलर की जरूरत पड़ सकती है।
दो साल से अधिक समय तक चले इजरायल-हमास संघर्ष ने गाजा के बड़े हिस्से को भारी नुकसान पहुंचाया है। 10 अक्टूबर को अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम लागू हुआ था, लेकिन अब स्थायी शांति और पुनर्निर्माण सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने है।
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