Surya Grahan 2026: इस साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को लगेगा। भारतीय समयानुसार यह दोपहर 3 बजकर 26 मिनट से शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। ग्रहण अपने पीक पर शाम 5 बजकर 13 मिनट से शाम 6 बजकर 11 मिनट के बीच होगा। शास्त्रों के अनुसार ग्रहण के दौरान वातावरण में विशेष बदलाव आते हैं, इसलिए यह समय आत्मशुद्धि और मानसिक शक्ति बढ़ाने के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।
सूर्य ग्रहण का आध्यात्मिक महत्व
ग्रहण के दौरान सूर्य की किरणें कमजोर होती हैं। इस समय मंत्र जाप और ध्यान करने से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। यह समय आत्मनिरीक्षण, मानसिक मजबूती और जीवन के उद्देश्य को समझने के लिए अनुकूल होता है।
मंत्र जाप की शक्ति और तरीका
ग्रहण काल में की गई साधना सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक प्रभावशाली होती है। शांत जगह पर बैठकर मन ही मन भगवान का नाम लेना पर्याप्त होता है।
सूर्य देव के मंत्र सबसे उत्तम माने जाते हैं।
गायत्री मंत्र या कोई अन्य प्रिय मंत्र भी जाप किया जा सकता है।
नियमित जाप से विचार शुद्ध होते हैं और चारों ओर सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।
मौन साधना और ध्यान से मानसिक मजबूती
ग्रहण के समय मौन रहकर साधना करना ऊर्जा संचित करने का सरल और प्रभावशाली तरीका है। बाहरी दुनिया से कटकर ध्यान केंद्रित करने से मन शांत होता है और स्थिरता आती है।
आराम से बैठकर अपनी सांसों पर ध्यान दें।
मौन साधना धीरज और मानसिक संतुलन बढ़ाती है।
शास्त्रों में मौन को विशेष शक्ति माना गया है।
साधना के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
घर के मंदिर की मूर्तियों को ग्रहण काल में छूना सही नहीं माना जाता।
साधना के दौरान मन में गुस्सा या कड़वाहट न आने दें।
ग्रहण के बाद स्नान करें और जरूरतमंद को दान दें।
मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए ध्यान और जाप निरंतर करें।
इन आसान उपायों को अपनाकर आप सूर्य ग्रहण का समय आत्मिक उन्नति और मानसिक मजबूती के लिए उपयोग कर सकते हैं।
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