होम = Breaking = पश्चिम बंगाल में मालदा घटना पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बने रहे, आरोपियों की पहचान के निर्देश

पश्चिम बंगाल में मालदा घटना पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, कहा- प्रशासन और पुलिस मूकदर्शक बने रहे, आरोपियों की पहचान के निर्देश

Malda Incident Case: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मालदा घटना को लेकर सोमवार को सुनवाई की। मामले में सुनवाई के लिए राज्य के चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी कोर्ट के चीफ जस्टिस के सामने ऑनलाइन पेश हुए। कोर्ट में घेराव के मामले में चीफ सेक्रेटरी और डीजीपी की नाकामी पर जमकर फटकार लगाई और कहा कि आप जाकर कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से जाकर माफी मांगे। चीफ जस्टिस्स ने कहा कि ये शर्म की बात कि सचिवालय राजनीति का अड्डा बन गए हैं। जानबूझकर इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई। पश्चिम बंगाल अफसरशाही का ये दुराग्रह वाला रवैया स्वीकार्य नहीं है।

SC ने मामले में आरोपियों की पहचान के दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने एनआईए और राज्य पुलिस को निर्देश देते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारियों के घेराव की घटना के पीछे उकसाने वालों की पहचान की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह लोगों का अचानक हुआ जमावड़ा नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी साजिश थी। अदालत ने कहा कि पहले लोगों को भड़काया गया और यह पता लगाया जाना चाहिए कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना चाहता है।

मालदा घटना में 3 केस दर्ज हैं

एनआईए ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि न्यायिक अधिकारियों को धमकाने और घेरने की घटनाओं के संबंध में 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं। एक घटना महिला अधिकारी को अंदर जाने से रोकने से संबंधित है। दूसरी घटना घेराव से संबंधित है।तीसरी घटना स्थानीय पुलिस की लापरवाही से संबंधित है। ये वे मामले हैं जिनमें न्यायिक अधिकारी सीधे तौर पर पीड़ित