होम = Breaking = अमेरिका के ईरान पर अटैक से पहले सामने आए रूस और चीन, ओमान की खाड़ी में दोनों ने ईरान के साथ शुरू किया सैन्य अभ्यास

अमेरिका के ईरान पर अटैक से पहले सामने आए रूस और चीन, ओमान की खाड़ी में दोनों ने ईरान के साथ शुरू किया सैन्य अभ्यास

Russia China Iran Joint military Drills: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने अंतिम चरण की तरफ बढ़ता जा रहा है। न्यूक्लियर पर बातचीत के दूसरे राउंड के बाद अमेरिका ने ईरान को धमकियां दी हैं। इस बीच ईरान, चीन और रूस ने किसी भी “एक तरफा कार्रवाई” को रोकने के लिए ओमान के सागर में जॉइंट नौसैनिक अभ्यास करने की घोषणा की है।

रूस ने गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका को साफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान पर नया हमला किया गया तो इसके ‘गंभीर और खतरनाक परिणाम’ हो सकते हैं। साथ ही कहा कि अमेरिका द्वारा पहले भी ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले हुए हैं, जिनसे परमाणु हादसे का वास्तविक खतरा पैदा हुआ था।

ईरान कर सकता है मिसाइल टेस्ट

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने एयरस्पेस को लेकर NOTAM (Notice to Airmen) जारी किए हैं। कुछ विश्लेषकों ने दावा किया है कि कई ‘गनफायर जोन’ चिन्हित किए गए हैं। तेहरान के पास ड्रोन से जुड़ी गतिविधि देखी गई। ओमान की खाड़ी की दिशा में रॉकेट/मिसाइल परीक्षण के संकेत मिले हैं। यह संकेत देता है कि ईरान संभावित एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर सकता है।

हमले से पहले अमेरिका ने भेजे कई फाइटर जैट

न्यूक्लियर पर बातचीत के दूसरे राउंड के बाद मनमुताबिक समझौता नहीं होने पर अमेरिका की ईरान पर हमले की संभावना बढ़ती जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “अगर ईरान समझौता करने से इनकार करता है,” तो अमेरिका को चागोस द्वीप समूह में हिंद महासागर स्थित एक हवाई अड्डे का उपयोग करना पड़ सकता है।” इसी कड़ी में पिछले 24 घंटों में अमेरिका ने ईरान की तरफ 50 से ज्यादा फाइटर जेट भेजे हैं।  मिलिट्री एयर ट्रैकिंग एलायंस (एमएटीए) के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिका से और यूरोप से दर्जनों लड़ाकू विमान एफ-35, एफ-22 और एफ-16 सहित मध्य पूर्व की ओर रवाना हुए हैं। यह टीम लगभग 30 ओपन-सोर्स विश्लेषकों की है जो सैन्य और सरकारी उड़ानों की निगरानी करती है। टीम ने क्षेत्र में 85 से अधिक ईंधन टैंकर और 170 से अधिक कार्गो विमानों की आवाजाही भी ट्रैक की है।

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