PM Modi in Lok Sabha: मिडल ईस्ट में ईरान युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा सदन में तेल और गैस संकट पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सरकार देश में तेल-गैस संकट से बचने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और अब 27 की बजाय 41 देशों से आयात किया जा रहा है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस संकट को तीन हफ्ते से अधिक समय हो चुका है और दुनिया भर के देश समाधान की अपील कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया में रह रहे करीब एक करोड़ भारतीयों की मदद के लिए भारतीय मिशन सक्रिय हैं और 24×7 हेल्पलाइन के जरिए जरूरी सहायता और जानकारी दी जा रही है।
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3.75 लाख भारतीयों को सुरक्षित लाया गया
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच खाड़ी देशों में हालात खराब है। पीएम मोदी ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता रही है। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक करीब 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित स्वदेश लौट चुके हैं। साथ ही ईरान से ही हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र भी शामिल हैं।
पीएम मोदी ने इन 5 चीजों को लेकर बताई योजना
पीएम मोदी ने तेल-गैस संकट पर कहा कि वर्तमान में हमारे पास 65 लाख मीट्रिक टन की रिजर्व की व्यवस्था पर काम जारी है। सरकार अलग अलग देशों के सप्लायर्स से संपर्क में है। अन्न-राशन पर को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “हमारे पास पर्याप्त अन्न भंडार है। आपात स्थिति से निबटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं।” पीएम मोदी ने बढ़ती गर्मी में पावर सप्लाई को लेकर कहा कि आने वाले समय में बिजली की डिमांड बढ़ती जाएगी। देश के पावर प्लांट में कोल स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने एनर्जी सेक्टर पर गहराते संकट पर कहा कि अर्थव्यवस्था एनर्जी सेक्टर पर निर्भर है। युद्ध के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए सरकार काम कर रही है। साथ ही कहा कि युद्ध में शामिल सभी पक्षों से भारत शांतिपूर्ण समाधान निकलवाने पर प्रोत्साहित कर रहा है।
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