New PMO Seva Teerth: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यानी शुक्रवार को ‘सेवा तीर्थ’ भवन परिसर का लोकार्पण किया। इसी परिसर से अब उनका नया कार्यालय संचालित होगा। इस पहल के साथ देश की सत्ता के प्रमुख केंद्र में एक अहम बदलाव देखने को मिलेगा और प्रधानमंत्री कार्यालय एक नई व्यवस्था व कार्यशैली के साथ आगे बढ़ेगा।
दोपहर 1:30 बजे होगा उद्घाटन
प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 1:30 बजे ‘सेवा तीर्थ’ परिसर के नाम का अनावरण किया । इसके साथ ही कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 का भी उद्घाटन किया। इस नए प्रशासनिक ढांचे में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय एकीकृत रूप से कार्य करेंगे।
कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा समेत कई प्रमुख मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। शाम करीब 6 बजे प्रधानमंत्री नए परिसर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे।
आधुनिक और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की झलक
नया कॉम्प्लेक्स सरकार के आधुनिक, पारदर्शी और कुशल प्रशासनिक तंत्र की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। यहां डिजिटल रूप से एकीकृत दफ्तर, सुव्यवस्थित पब्लिक इंटरफेस जोन और केंद्रीकृत रिसेप्शन जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
इमारतों को 4-स्टार GRIHA मानकों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। परिसर में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, जल संरक्षण उपाय, कचरा प्रबंधन समाधान और उच्च दक्षता वाली संरचनात्मक तकनीक शामिल हैं, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव कम होगा और संचालन क्षमता बढ़ेगी।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे में बड़ा अपग्रेड
आधिकारिक बयान के अनुसार नए भवन में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, व्यापक निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में निर्मित यह अत्याधुनिक ढांचा भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। बताया जा रहा है कि आधुनिक कार्य-सुविधाओं की कमी साउथ ब्लॉक में महसूस की जा रही थी, जिसे अब दूर किया गया है।
इन मंत्रालयों का होगा स्थानांतरण
कर्तव्य भवन-1 और 2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख विभाग कार्य करेंगे।
बता दें कि‘सेवा तीर्थ’ परिसर के निर्माण पर करीब 1,189 करोड़ रुपये की लागत आई है। यहां प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के लिए अलग-अलग ब्लॉक तैयार किए गए हैं। नई व्यवस्था के साथ केंद्र सरकार का प्रशासनिक ढांचा अब आधुनिक और एकीकृत परिसर से संचालित होगा।
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