Pariksha Pe Charcha 2026: शुक्रवार सुबह 10 बजे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा शुरू हो चुकी है। कार्यक्रम में छात्र और उनके अभिभावक पीएम मोदी से सवाल पूछ रहे हैं। एक छात्रा ने पीएम मोदी को कविता भी सुनाई। इस दौरान कई छात्रों ने माता-पिता से जुड़े अपने अनुभव और स्कूलों के बारे में बातें साझा की। बता दें कि परीक्षा पे चर्चा का यह नौवां संस्करण हैं।
PM मोदी के टॉप 5 ‘एग्जाम मंत्र’
- परीक्षा को उत्सव की तरह मनाएं।
- प्रतिस्पर्धा खुद से, न कि दूसरों से।
- डिजिटल फास्टिंग: तकनीक का सही उपयोग।
- मुश्किल काम पहले निपटाएं।
- एग्जाम वॉरियर बनें, रट्टू तोता नहीं।
PM मोदी ने बताया AI का इस्तेमाल कैसे करें?
परीक्षा पे चर्चा 2026 में अनन्या ने एआई से जुड़ा सवाल पूछा। इस पर पीएम मोदी ने कहा- आप उस पीढ़ी में हैं, जहां पूरा कैनवास है. आपको टेक्नोलॉजी का अवसर मिला है, उसका सही इस्तेमाल करें। एआई आपकी ताकत का उपयोग बढ़ाने वाला होता है। एआई को बताएं कि फलानी बायोग्राफी है तो उसके 10 पॉइंट बता दो।
नंबर को लक्ष्य मानना गलत- पीएम
पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा में कहा कि परीक्षाएं खुद को एग्जामिन करने के लिए होती हैं। हमारा लक्ष्य परीक्षा के नंबर नहीं हो सकते हैं। हमारा गोल संपूर्ण जीवन का विकास होना चाहिए। हमें खुद को सीमित नहीं करना चाहिए। पीएम ने सभी विद्यार्थियों से आग्रह किया कि जिंदगी में सबसे ज्यादा उत्तम बनिए, जीवन अपना सर्वश्रेष्ठ बनाइए, अपना पूरा जीवन शानदार बनाए रखने के लिए जीवन को तैयार करना है।
8वें संस्करण को सभी मीडिया प्लेटफॉर्म करोड़ों लोगों ने देखा था
पीएम मोदी की पहल “परीक्षा पे चर्चा” को “एक महीने में नागरिक सहभागिता मंच पर सबसे अधिक लोगों के पंजीकरण” के लिए पिछले साल अगस्त में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान MyGov प्लेटफार्म पर आयोजित “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम के 8वें संस्करण के दौरान हुए 3.53 करोड़ पंजीकरणों की वजह से दिया गया था। इसमें 153 देशों के शिक्षकों और 149 देशों के अभिभावकों की भागीदारी के साथ एक उल्लेखनीय गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। आठवें संस्करण में सभी मीडिया प्लेटफार्मों पर कुल 21 करोड़ से ज्यादा दर्शकों ने टीवी पर देखा था।
Exam Warriors किताब में पीएम ने अपने विचार को संक्षेपित किया
शिक्षा मंत्रालय की एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने विचारों को “Exam Warriors” नामक अपनी पुस्तक में संक्षेपित किया है, जो कई भाषाओं के साथ-साथ ब्रेल में भी उपलब्ध है, जिसमें उन्होंने आत्मविश्वास पर जोर दिया है और इन मुद्दों पर बात करने की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि हमारे बच्चों को वह आनंदमय बचपन मिल सके जिसके वे हकदार हैं।

