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खुले गड्ढों में गिरकर हुई मौत; युवराज, बिरजू और कमल की कहानी एक जैसी… जानें क्या है वजह

by | Feb 11, 2026 | Breaking, Explainer, Others

दिल्ली-एनसीआर में सड़क और निर्माण स्थलों पर सुरक्षा की लापरवाही का सिलसिला अब भी जारी है। नोएडा, दिल्ली और रोहिणी में हाल के दिनों में खुले गड्ढों और बेसमेंट में गिरने से तीन युवाओं की मौत हो चुकी है। युवराज मेहता, कमल ध्यानी और अब बिरजू तीनों के नाम, जगह और पेशा अलग है, लेकिन मौत की वजह सभी में सिस्टम की अनदेखी और खुले गड्ढे ही रहे।

लापरवाही की नई घटना

16 जनवरी को नोएडा सेक्टर-150 में खाली प्लॉट के बेसमेंट में भरे पानी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता डूब गए। इसके बाद 6 फरवरी को दिल्ली के जनकपुरी में बैंककर्मी कमल ध्यानी जल बोर्ड के गड्ढे में बाइक सहित गिरकर मारे गए। अब रोहिणी सेक्टर-32 में सीवर के खुले मैनहोल में गिरने से कारपेंटर बिरजू की मौत हो गई।

दिल्ली में यह बीते चार दिनों में हुई दूसरी मौत है, जिससे प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिरजू की मौत के बाद मैनहोल को रातों-रात ढक दिया गया। सवाल ये है कि क्या प्रशासन इन घटनाओं से सबक लेकर भविष्य में लोगों की जान बचा पाएगा, या सिर्फ जगह और नाम बदलते रहेंगे।

बिरजू की मौत में नया खुलासा

बिरजू के साथी राम ने बताया कि घटना के समय मौजूद सूरज ने लोगों को गुमराह करने की कोशिश की थी। शुरुआती बयान में सूरज ने बिरजू के किडनैप होने का दावा किया, लेकिन पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि बिरजू सीवर में गिर गया था।

राम के अनुसार घटना की रात सूरज के चेहरे पर चोट के निशान भी थे, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि आपसी रंजिश भी मौत का कारण हो सकती है। दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि क्या प्रशासनिक लापरवाही और निजी रंजिश दोनों मिलकर इस हादसे का कारण बनी।

बिरजू की पृष्ठभूमि

मृतक बिरजू बिहार का रहने वाला था और रोहिणी सेक्टर-32 की एक कंस्ट्रक्शन साइट पर कारपेंटर के रूप में काम करता था। सोमवार रात सीवर में गिरने के बाद उसकी मौत हो गई। लगभग 24 घंटे बाद शव को सीवर से बाहर निकाला गया।

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