होम = Breaking = सैन्य संघर्ष से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता…अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी की बड़ी टिप्पणी

सैन्य संघर्ष से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता…अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच पीएम मोदी की बड़ी टिप्पणी

by | Mar 5, 2026 | Breaking, News Big, देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि किसी भी समस्या का समाधान सैन्य संघर्ष के जरिए संभव नहीं है। उन्होंने पश्चिम एशिया और यूक्रेन में चल रहे संघर्षों को जल्द से जल्द समाप्त करने का आह्वान किया। ये टिप्पणियां उन्होंने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ हुई वार्ता के बाद की। मोदी ने कहा कि भारत और फिनलैंड, दोनों ही कानून का शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। किसी भी समस्या का हल केवल सैन्य संघर्ष से नहीं निकाला जा सकता।”

संघर्षों के शीघ्र अंत के लिए समर्थन जारी रहेगा

प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि चाहे मामला यूक्रेन का हो या पश्चिम एशिया का, भारत संघर्षों के शीघ्र समाधान और शांति की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत शांतिपूर्ण कूटनीति, संवाद और सहयोग के जरिए ही अंतरराष्ट्रीय समस्याओं का समाधान चाहता है।

भारत-फिनलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा

वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने भारत-फिनलैंड संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा की। उन्होंने डिजिटलीकरण और स्थिरता के क्षेत्रों में सहयोग को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एआई, 6G दूरसंचार, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उच्च तकनीकी क्षेत्रों में यह साझेदारी हमारे सहयोग को गति देगी।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता भारत और फिनलैंड के बीच व्यापारिक और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब की चार दिवसीय भारत यात्रा इसी उद्देश्य से शुरू हुई थी, जिसमें व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है।

ईरान और इजराइल के बीच संघर्ष

प्रधानमंत्री मोदी की वार्ता के साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और गंभीर घटना सामने आई। ईरान ने गुरुवार को इजरायली और अमेरिकी ठिकानों पर हमलों की नई श्रृंखला शुरू की। ईरान ने संयुक्त राज्य अमेरिका को चेतावनी दी कि हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत के डुबाए जाने पर उसे “कड़ी माफी” मांगनी पड़ेगी।

इस बीच इजराइल ने कई मिसाइल हमलों की घोषणा की और तेल अवीव तथा यरुशलम में हवाई सायरन बजाए गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने बताया कि अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। इजरायली सेना ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह समूह पर हमला किया और तेहरान में बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए।

अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी फ्रिगेट डुबाया गया

इस पूरी स्थिति की पृष्ठभूमि में अमेरिकी नौसेना ने मंगलवार रात हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट आईरिस डेना को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 87 नाविक मारे गए। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे समुद्र में अत्याचार बताया और चेतावनी दी कि अमेरिका को इसके लिए पछतावा होगा।

ईरानी धार्मिक नेताओं का बयान

ईरान में कुछ धार्मिक नेताओं ने इस घटना पर हिंसक प्रतिक्रिया व्यक्त की। शिया इस्लाम के वरिष्ठ धार्मिक नेता अयातुल्ला अब्दुल्ला जावादी अमोली ने कहा कि देश एक बड़ी परीक्षा के कगार पर है” और “ज़ायोनी खून बहाने, ट्रंप का खून बहाने का आह्वान किया। उन्होंने अमेरिकी नीतियों के खिलाफ प्रतिरोध की अपील भी की।

बंगाल