CM Nitish Kumar: बिहार की सियासत में आज बड़ा मोड़ आया है। करीब 20 साल तक राज्य की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने जा रहे हैं। इस खबर ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। जदयू नेताओं का कहना है कि पार्टी का निर्णय और दिशा तय करना अब भी नीतीश कुमार के हाथ में रहेगा। इसी बीच सीएम ने खुद ट्वीट कर जनता को पूरी जानकारी दी है।
नीतीश कुमार ने क्या कहा?
नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट से ट्वीट करते हुए कहा, “पिछले दो दशकों से आपने मुझ पर भरोसा और समर्थन बनाए रखा। इसी विश्वास के बल पर हमने बिहार की सेवा की और आज राज्य विकास और सम्मान के नए आयाम पर खड़ा है। आपके भरोसे और सहयोग के लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा।”
मन की इच्छा और अगले कदम
सीएम ने आगे बताया कि संसदीय जीवन शुरू होने के समय से ही उनका मन था कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों का सदस्य भी बनें। उन्होंने कहा कि इस बार वे राज्यसभा के सदस्य बनना चाहते हैं और जनता के साथ उनका संबंध भविष्य में भी मजबूत रहेगा। नीतीश ने आश्वासन दिया कि नई सरकार को वे पूरा सहयोग और मार्गदर्शन देंगे और मिलकर विकास की दिशा में काम करेंगे।
बिहार की कमान अगली पीढ़ी को
नीतीश कुमार का बिहार से दिल्ली जाना राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव माने जा रहा है। 2005 से बिहार की सियासत उनके इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन हाल के वर्षों में उनकी सेहत पर सवाल उठते रहे। 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने गृह विभाग का पद छोड़ दिया था। अब बिहार की कमान अगली पीढ़ी को सौंपने का समय आ गया है।
नए मुख्यमंत्री फेस और जदयू की रणनीति
नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार में नए मुख्यमंत्री चेहरे की तलाश शुरू हो गई है। पहली बार राज्य में भाजपा का मुख्यमंत्री बनने की संभावना भी बढ़ गई है। इसके साथ ही नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की चर्चाएँ हैं। उन्हें विधानपरिषद में भेजने और संभावित रूप से बिहार का डिप्टी सीएम बनाने की तैयारी भी चल रही है।
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