Mumbai RSS event Salman Khan: मुंबई के नेहरू सेंटर में आयोजित दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के पहले दिन बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का भाषण गंभीरता से सुना। कार्यक्रम में रणबीर कपूर, सुभाष घई, प्रसून जोशी और अन्य 900 से अधिक प्रमुख हस्तियां भी मौजूद रहीं।
सलमान खान का उदाहरण देते हुए सामाजिक मूल्यों पर जोर
भाषण के दौरान मोहन भागवत ने समाज में प्रभाव और मूल्यों की महत्ता पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कॉलेज छात्र अक्सर सलमान खान की फैशन स्टाइल की नकल करते हैं, लेकिन इसके पीछे के कारण नहीं समझते। भागवत ने इसे अच्छे मूल्यों को फैशन के रूप में अपनाने की आवश्यकता से जोड़ा।
आरएसएस शताब्दी समारोह के मौक़े पर आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने रविवार को कहा कि ‘हम आमतौर पर ऐसा सोचते हैं कि 75 की उम्र के बाद बिना दायित्व के कार्य करना चाहिए। इसको संघ की अनुमति मिलेगी तब होगा, जैसे मेरी बात है, मेरी उम्र 75 हो गई।’
कार्यक्रम के दौरान जब जाति से जुड़े सवाल उठाए गए, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ में किसी भी जाति का सदस्य उच्चतम पद तक पहुँच सकता है। उनके अनुसार, अनुसूचित जाति या जनजाति होना कोई बाधा नहीं है और ब्राह्मण होना विशेष योग्यता नहीं माना जाता। उन्होंने यह भी कहा कि संघ की स्थापना के शुरुआती समय में ब्राह्मणों की संख्या अधिक थी, लेकिन आज संगठन सभी जातियों के लोगों के लिए समान रूप से काम करता है।
“स्वदेशी” आर्थिक मॉडल का संदेश
मोहन भागवत ने स्वदेशी और आत्मनिर्भर आर्थिक मॉडल पर बल दिया। उनका कहना था कि वैश्विक परस्पर निर्भरता एक वास्तविकता है, लेकिन यह टैरिफ या मजबूरी से नहीं होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने, आयात सीमित करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “शिकंजी बन सकती है तो कोला क्यों?”
पारिवारिक जीवन में स्वदेशी अपनाने की अपील
भागवत ने परिवारों से अपील की कि भाषा, पहनावा, भोजन और घरेलू जीवन में स्वदेशी को अपनाएं। उन्होंने कहा कि भारतीय भाषाओं का प्रयोग करें, पारंपरिक वस्त्र पहनें, देश के पर्यटन स्थलों की यात्रा करें और प्लास्टिक कम करें। उनका संदेश था, “भारत में उत्पादन करो, नवाचार करो और दुनिया को अपने पास आने दो।”
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख हस्तियां
इस कार्यक्रम में सलमान खान, रणबीर कपूर, हेमा मालिनी, अनुराधा पौडवाल, पूनम ढिल्लों सहित कई कलाकार, वैज्ञानिक और उद्योगपति शामिल हुए। यह व्याख्यान श्रृंखला आरएसएस की 100 वर्ष की यात्रा का चिंतन और भविष्य की दिशा पर केंद्रित थी।
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