India AI Summit 2026: दुनिया भर में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। कई देश नाबालिगों के लिए कड़े नियम लागू करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। इसी मुद्दे पर भारत में भी चर्चा तेज हो गई है, जब इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 के मंच से फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की अपील की गई।
फ्रांस में शुरू हुई प्रतिबंध की प्रक्रिया
समिट के दौरान मैक्रों ने कहा कि फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। उनका तर्क था कि जो चीज वास्तविक दुनिया में बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती, उसे डिजिटल दुनिया में भी उपलब्ध नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें सोशल मीडिया कंपनियों और नियामक संस्थाओं की भी बराबर भूमिका है।
यूरोप के अन्य देश भी सक्रिय
मैक्रों के अनुसार, ग्रीस, स्पेन समेत कई यूरोपीय देश भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग पर आयु सीमा तय करने या कड़े प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उनका कहना था कि यह केवल नियम बनाने का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी का प्रश्न है। नॉर्वे, ब्रिटेन और डेनमार्क जैसे देश भी नाबालिगों के लिए सख्त डिजिटल सुरक्षा ढांचा तैयार करने पर विचार कर रहे हैं।
भारत के डिजिटल बदलाव की सराहना
समिट में फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने भारत के डिजिटल परिवर्तन की भी सराहना की। उन्होंने मुंबई के एक स्ट्रीट वेंडर का उदाहरण देते हुए कहा कि जो व्यक्ति पहले बैंकिंग व्यवस्था से बाहर था, वह अब डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहा है। इससे भारत में तकनीक के व्यापक प्रसार और समावेशी विकास की तस्वीर सामने आती है।
भारत में भी तेज हो सकती है बहस
भारत में भी सोशल मीडिया कंपनियों के साथ सख्त नियमों को लेकर बातचीत जारी है। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, डेटा संरक्षण और कंटेंट मॉडरेशन जैसे मुद्दों पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती चिंता के बीच यह साफ है कि आने वाले समय में बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर कड़े और स्पष्ट नियम देखने को मिल सकते हैं।
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