Special Parliament Session: संसद में गुरुवार से शुरू हो रहे 3 दिनों के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण कानून) में संशोधन से जुड़े तीन विधेयक सरकार पेश किए गए। वहीं, विपक्ष ने परिसिमन को लेकर विरोध जताया है। मालूम हो कि महिला आरक्षण बिल पर संसद में करीब 18 घंटे की चर्चा प्रस्तावित है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे महिला आरक्षण से जुड़े तीनों विधेयकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर तीन बजे स्पीच देंगे। इन विधेयकों पर चर्चा से पहले गृहमंत्री अमित शाह कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल, किरेन रिजिजू समेत कई अन्य नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।
लोस सांसदों की संख्या 850 हो जाएगी
केंद्र सरकार ने सांसदों के साथ संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 या महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित संशोधन का पाठ साझा किया, जिसका उद्देश्य लोकसभा सीटों को बढ़ाकर 850 करना है इस विधेयक में राज्यों के निर्वाचन क्षेत्रों से प्रत्यक्ष चुनाव द्वारा चुने जाने वाले सदस्यों की संख्या 815 तक सीमित करने का प्रस्ताव है। केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विधेयक में कहा गया है। केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 35 से अधिक सदस्य नहीं होंगे, जिनका चुनाव संसद द्वारा विधिवत रूप से किया जाएगा। यानी लोकसभा में कुल संख्या 850 हो जाएगी। वर्तमान में, लोकसभा में राज्यों से 530 और केंद्र शासित प्रदेशों से 20 सदस्य हैं। हालांकि, परिसीमन आयोग ने यह संख्या 543 निर्धारित की थी।
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का प्रावधान
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को शीघ्र लागू करने का प्रावधान है। इसके साथ ही संसद के निचले सदन में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए संविधान में संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है, जिसे सरकार बड़े राजनीतिक सुधार के रूप में पेश कर रही है।

