Gorakhpur News : योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान माफिया, आतंकवाद और उग्रवाद पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि हिरण्यकश्यप जैसे दुष्ट तत्व समझाने से नहीं मानते। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठोर कार्रवाई जरूरी है। मुख्यमंत्री सोमवार शाम पांडेयहाता में होलिका दहन उत्सव समिति द्वारा आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा के शुभारंभ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।
पौराणिक उदाहरणों से दिया संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने हिरण्यकश्यप, कंस और रावण जैसे पौराणिक पात्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस प्रकार उनके अंत के लिए भगवान नृसिंह, श्रीकृष्ण और भगवान राम ने अवतार लिया, उसी तरह समाज से अराजकता और गुंडागर्दी समाप्त करने के लिए निर्णायक कदम उठाने पड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि आज जब विश्व के कई हिस्से अशांति और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, तब भारत ‘नए भारत’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने वर्तमान नेतृत्व की नीतियों को देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला बताया।
‘उत्सव प्रदेश’ बना उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले त्योहारों के दौरान कई जगह कर्फ्यू की स्थिति बन जाती थी, जिससे लोग खुले मन से पर्व नहीं मना पाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों की नीतियों के कारण समाज में विभाजन का माहौल बनता था और इसका असर व्यापार तथा आम जनजीवन पर पड़ता था।
उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश सुरक्षित वातावरण और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ ‘उत्सव प्रदेश’ के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने इसे ‘रामराज्य’ की दिशा में बढ़ता कदम बताया।
होली पर संयम की अपील
होली के अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि पर्व के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें। उन्होंने कहा कि किसी पर जबरन रंग न डालें, आपत्तिजनक गीतों से बचें और ऐसा कोई कार्य न करें जिससे टकराव की स्थिति पैदा हो या त्योहार की गरिमा प्रभावित हो।
मतांतरण पर चिंता
मुख्यमंत्री ने एनेक्सी सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित गोरक्ष प्रांत की समन्वय बैठक में भी हिस्सा लिया। यहां उन्होंने मतांतरण के मुद्दे पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मतांतरण करता है, वह किसी कारणवश समाज से आहत होता है। यदि समाज उसके कारणों को समझकर समाधान करे, तो इस समस्या पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
शिक्षा और अन्य मुद्दों पर बयान
मदरसा शिक्षा को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वहां सरकार द्वारा स्वीकृत यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू है। परीक्षा प्रणाली में ओएमआर पद्धति हटाकर पारंपरिक लिखित परीक्षा लागू करने की मांग पर उन्होंने कहा कि देश अब एआई युग में प्रवेश कर चुका है, इसलिए पीछे लौटना उचित नहीं होगा।
उच्च शिक्षा विभाग में कैशलेस चिकित्सा सुविधा के प्रस्ताव को लेकर उन्होंने कहा कि इसे शीघ्र स्वीकृति के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने ‘अभ्युदय कोचिंग’ योजना से अधिक छात्रों को जोड़ने का आह्वान भी किया।
ये भी पढ़ें: बीजेपी की 9 उम्मीदवारों की सूची जारी, नितिन नवीन और राहुल सिन्हा जाएंगे राज्यसभा

