Swami Avimukteshwaranand News: उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार को ‘चतुरंगिणी सेना’ बनाने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि इस सेना में 2 लाख 18 हजार 700 सदस्य होंगे और देशभर से लोगों की भर्ती की जाएगी। उनके मुताबिक यह सेना गोरक्षा, धर्म रक्षा, शास्त्र रक्षा और मंदिरों की सुरक्षा जैसे कार्यों के लिए तैयार की जाएगी, जिसकी पहचान पीली वेशभूषा और हाथ में परशु (फरसा) होगी।
हर जिले में 27 टीमें होगी तैनात
शंकराचार्य सरस्वती ने गाय, मंदिर, शास्त्र और धर्म रक्षा के लिए चतुरंगिणी सभा का गठन किया जाएगा। एक टीम में 10 लोग शामिल होंगे। ऐसे में 21 हजार 870 टीमें बनेंगी तो सेना तैयार हो जाएगी। भारत में अभी करीब 800 जिले हैं। अगर हर जिले में 27 टीमें, यानी 270 लोग तैयार हो गए, तो 2 लाख 16 हजार लोग तैयार हो जाएंगे।
मंदिरों में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर शंकराचार्य ने दी प्रतिक्रिया
शंकराचार्य सरस्वती ने उत्तराखंड के बद्रीनाथ मंदिर और केदारनाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के मुद्दे पर कहा कि जैसे मक्का और मदीना में दूसरे धर्म के लोगों को पहले ही रोक दिया जाता है, वैसे ही हिंदू धर्मस्थलों की भी अपनी पवित्रता और परंपराएं हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक परिसरों में उसी धर्म के लोगों को प्रवेश मिलना चाहिए, जिसे वे मानते हैं, ताकि पूजा-पाठ और परंपराएं अपने तरीके से बनी रह सकें।
बीते दिनों अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से की थी मुलाकात
बता दें कि सपा मुखिया अखिलेश यादव ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से गुरुवार को मुलाकात की। एक घंटे तक बातचीत हुई। इस दौरान अखिलेश जमीन पर बैठे नजर आए। बाहर निकलने पर अखिलेश ने मीडियाकर्मियों से कहा- शंकराचार्य से मिलकर आ रहा हूं। उनके आशीर्वाद से अब नकली संतों का अंत होगा।
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