JNU Students Bail: पटियाला हाउस कोर्ट ने जेएनयू प्रदर्शन प्रकरण में गिरफ्तार सभी छात्रों को जमानत दे दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपियों को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर राहत प्रदान की।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े इस मामले में आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने अदालत को बताया कि सभी छात्र जांच में सहयोग करने को तैयार हैं और वे सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद हैं। बचाव पक्ष ने यह भी भरोसा दिलाया कि आरोपी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेंगे।
एक अन्य अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से संबंधित न्यायिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराना नागरिकों का मौलिक अधिकार है।
छात्रों का पक्ष
सुनवाई के दौरान एक छात्रा ने आरोप लगाया कि कुछ सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने उसे भीड़ से खींच लिया, जिससे उसके हाथ में चोट आई और सूजन हो गई। बचाव पक्ष ने दलील दी कि इस परिस्थिति में न्यायिक हिरासत की आवश्यकता नहीं है। एक अन्य आरोपी ने अदालत में कहा कि यह गलत प्रचारित किया गया कि प्रदर्शनकारी इंडिया गेट की ओर जा रहे थे, जबकि उनका उद्देश्य शिक्षा मंत्रालय की तरफ जाना था।
दिल्ली पुलिस का विरोध
दिल्ली पुलिस ने अदालत में जमानत का विरोध करते हुए कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं था। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़े और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, जिसमें कुछ अधिकारी घायल भी हुए। पुलिस ने यह भी दावा किया कि कुछ आरोपी पहले भी विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं और उनके खिलाफ पूर्व में चार प्राथमिकी दर्ज हैं।
अदालत को बताया गया कि लगभग 300 लोगों का समूह बिना अनुमति इंडिया गेट की ओर बढ़ रहा था, जिसे रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया गया।
अदालत की टिप्पणी और फैसला
सुनवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत की मांग की और दोबारा हिंसा की आशंका जताई। अदालत ने कहा कि पुलिसकर्मियों पर हमला गंभीर विषय है और इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन का नाम देकर उचित नहीं ठहराया जा सकता। हालांकि, अदालत ने यह भी माना कि संबंधित धाराओं में अधिकतम सजा पांच वर्ष तक है और आरोपी आदतन अपराधी प्रतीत नहीं होते।
इन सभी तथ्यों पर विचार करते हुए अदालत ने सभी आरोपियों को 25 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी। साथ ही स्पष्ट किया कि मामले की जांच जारी रहेगी और आरोपियों को जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
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