Jeffrey Epstein: जेफ्री एपस्टीन के घिनौने और झकझोर देने वाले अपराध आज भी दुनिया को स्तब्ध करते हैं। मानव इतिहास के सबसे विचलित करने वाले मामलों में शामिल यह कांड, एपस्टीन के आइलैंड पर नाबालिग लड़कियों और वयस्क महिलाओं के साथ हुई घटनाओं की वजह से हमेशा सुर्खियों में रहा। हालांकि, यह रैकेट एपस्टीन अकेले नहीं चला रहा था। उसकी गर्लफ्रेंड गिलेन मैक्सवेल ने हर कदम पर उसकी मदद की।
कैसे शुरू हुआ रिश्ता?
गिलेन मैक्सवेल और जेफ्री एपस्टीन की मुलाकात 1991 में न्यूयॉर्क में हुई। कुछ ही समय में दोनों के बीच करीबी बन गई। एपस्टीन के पास धन और शक्ति थी, लेकिन हाई-प्रोफाइल लोगों तक उसकी पहुंच सीमित थी। वहीं, गिलेन एक प्रभावशाली परिवार से आती थीं। उनके पिता रॉबर्ट मैक्सवेल ब्रिटेन के सांसद और बड़े मीडिया व्यवसाय से जुड़े थे।
गिलेन के पास समाज में पहचान, क्लास, नेटवर्क और उच्च स्तर तक पहुंच थी। यही कारण था कि एपस्टीन उसे अपने लिए बेहद जरूरी मानता था, क्योंकि उसके नेटवर्क से उसके काले कामों को आगे बढ़ाने में मदद मिलती थी।
गिलेन का रोल क्या था?
गिलेन कमजोर या कठिन परिस्थितियों में जी रही लड़कियों को निशाना बनाती थीं। वह उनसे दोस्ती करतीं, नौकरी, पैसे, शिक्षा और यात्रा जैसी चीज़ों का लालच देतीं और फिर उन्हें एपस्टीन के घर ले आतीं। कई पीड़ितों ने बताया कि गिलेन लड़कियों से कहती थीं कि नई लड़कियों को लाओ और पैसे कमाओ। उसका मुख्य काम लड़कियों को मानसिक रूप से तैयार करना था।
लॉजिस्टिक्स और कवर-अप
गिलेन एपस्टीन के न्यूयॉर्क, पाम बीच, न्यू मैक्सिको और प्राइवेट आइलैंड के घरों का प्रबंधन करती थीं। वह लड़कियों की आव-भगत, ट्रांसपोर्ट और भुगतान संभालती थीं। उनकी मौजूदगी से पूरे ऑपरेशन को सुरक्षित और सामान्य दिखाया जाता था, क्योंकि वह पढ़ी-लिखी और हाई-प्रोफाइल महिला थीं।
अमेरिकी कोर्ट ने 2021 में गिलेन मैक्सवेल को नाबालिग सेक्स ट्रैफिकिंग, षड्यंत्र और अन्य गंभीर आरोपों में दोषी पाया। 2022 में उन्हें 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई। जज ने गिलेन को एपस्टीन की सबसे बड़ी मददगार बताया।
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