US Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच आज पाकिस्तान में एक अहम शांति वार्ता होने जा रही है। इस बातचीत पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं, जहां युद्धविराम की उम्मीद जताई जा रही है। अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान पहुंच चुके हैं, जबकि ईरान की तरफ से मोहम्मद बागेर गालिबाफ इस वार्ता का नेतृत्व करेंगे। दोनों देश अपने-अपने अहम मुद्दों के साथ बातचीत की टेबल पर आमने-सामने होंगे। लेकिन वार्ता से ठीक पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सख्त तेवर सामने आए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के पास कोई विकल्प नहीं है और वह केवल बातचीत के लिए मजबूर है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर नियंत्रण कर दुनिया से जबरन वसूली करने की कोशिश कर रहा है।
शांति वार्ता से पहले की गई कड़ी सुरक्षा
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति वार्ता से पहले सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने शहर की प्रमुख सड़कों को सील कर दिया, जबकि प्रशासन ने निवासियों से घरों के अंदर रहने की अपील की है, जिससे शहर में कर्फ्यू जैसा माहौल बन गया है अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं और उनके दोपहर से पहले पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, मोहम्मद बाघेर गालिफ के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात इस्लामाबाद पहुंच चुका है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने कहा कि यह संघर्ष अब “कठिन दौर” में प्रवेश कर रहा है, जहां दोनों पक्ष अस्थायी विराम से आगे बढ़कर स्थायी समाधान की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने इसे “करो या मरो” का क्षण बताया है।
वार्ता में ये लोग शामिल
अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान पहुंच चुके हैं। वहीं, मोहम्मद बागेर गालिबाफ की अगुवाई में ईरान बातचीत की मेज पर बैठेगा। इस अहम बैठक में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, रक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियन और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती के शामिल होने की संभावना है। हालांकि, इस पूरी वार्ता में सबकी नजरें गालिबाफ पर टिकी हुई हैं। उन्हें मोजतबा खामेनेई का करीबी और बेहद भरोसेमंद माना जाता है, जिससे इस बातचीत में उनकी भूमिका और भी अहम हो जाती है।

