IRGC Responds To Trump: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने ईरान के अमेरिकी-इजराली संग जारी युद्ध पर प्रतिक्रिया दी है। आईआरजीसी ने कहा है कि यह युद्ध कब खत्म होगा यह ईरान तय करेगा। मालूम हो कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में युद्ध खत्म होने पर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि ईरान में जारी युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। लेकिन उन्होंने इसके खत्म होने की कोई तारीख स्पष्ट नहीं की थी। गौरतलब है, ईरान युद्ध के चलते दक्षिण एशियाई देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, भारत और साउथ कोरिया समेत अन्य देशों में ऊर्जा संकट गहरा रहा है। साउथ कोरिया का शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी।
IRGC ने क्या चेतावनी दी?
ईरान युद्ध के 11वें दिन आईआरजीसी ने अमेरिका और इजरायल को चेताया है। आईआरजीसी ने कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी रहे तो क्षेत्र से ‘एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं होने दिया जाएगा।’ इस बीच होर्मुज़ स्टेट को लेकर बढ़ते तनाव के कारण तेल की क़ीमतों में बढ़ोत्तरी की आशंका है। दुनिया के कुल तेल का लगभग 20 फ़ीसदी हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से गुज़रता है।
IRGC के पास हैं 1.90 लाख जवान
ईरान में आईआरजी शुरुआत में ये एक छोटा सैन्य समूह था, लेकिन अब यह बहुत बड़े सैन्य संगठन का रूप ले चुका है। इस स्पेशल फ़ोर्स के पास अपनी ज़मीन है, अपनी नौसेना और एयरफ़ोर्स भी है। करीब 1.90 लाख जवान इस संगठन से जुड़े हैं। आईआरजीसी ने अपना बड़ा कारोबारी साम्राज्य भी खड़ा किया है, जिसमें डिफ़ेंस, इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं। यह संगठन एक पैरामिलिट्री विंग है, जिसके अंदर आर्मी, नेवी, एयरफ़ोर्स, न्यूक्लियर वॉरफ़ेयर आते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरजीसी की सबसे चर्चित शाखा है ‘क़ुद्स फ़ोर्स’। ये मध्य पूर्व में सक्रिय लेबनान के हिज़बुल्लाह जैसे हथियारबंद समूहों, इराक़ के शिया मिलिशिया और सीरिया सरकार के लिए लड़ने वाले लड़ाकों की ट्रेनिंग के साथ पैसे और हथियार मुहैया कराता है।
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