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ईरान युद्ध के बीच भारत के पास कितने दिन का बचा है क्रूड, जानिए कितने प्रतिशत खाड़ी देशों से आता है LNG

by | Mar 3, 2026 | Breaking, Explainer, News Big

Middle East conflict: अमेरिकी-इज़रालय के ईरान पर हमले के बाद लगातार खाड़ी देशों में स्थिति खराब होती जा रही है। इस बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान कर दिया है। भारत अपना ज्यादातर तेल और गैस खाड़ी देशों से आयात करता है। अगर यहां लड़ाई का दौरा लंबा चलता है तो भारत के सामने ऊर्जा का संकट पैदा हो सकता है। रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध 1 महीने तक लंबा चल सकता है।

भारत के पास बचा है 17-18 दिन का क्रूड स्टॉक

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत के पास करीब 17–18 दिनों के जरूरत का कच्चे तेल (क्रूड) का भंडार है। वहीं, अगर पेट्रोल-डीजल की बता करें तो इसका स्टॉक 20–21 दिन देश में चल सकता है। सबसे कम स्टॉक एलएनजी (गैस) का है। यह सिर्फ सिर्फ 10–12 दिन का है। बता दें कि भारत अपनी करीब 90% एलएनजी खाड़ी देशों से मंगाता है। वहीं, देश में बनने वाले ईंधन में से करीब एक-तिहाई पेट्रोल, एक-चौथाई डीजल और आधा एटीएफ (हवाई ईंधन) विदेशों को निर्यात भी किया जाता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य से जाने वाले जहाजों पर हमले का है आदेश

आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार इब्राहिम जबारी ने ईरानी सरकारी मीडिया के जरिए यह ऐलान किया। अब से होर्मुज जलडमरूमध्य से किसी भी व्यापारिक या सैन्य जहाज की आवाजाही पर पाबंदी है। ईरानी नौसेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को आदेश दिया गया है कि वे उल्लंघन करने वाले किसी भी जहाज पर सीधा हमला करें।

क्रूड की कीमतों में आया उछाल

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर तेल-गैस की कीमतों पर दिखा। सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 10% बढ़कर 80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। वहीं, यूरोप में गैस की कीमत 40% से ज्यादा बढ़ गई। सऊदी अरब की रास तानुरा रिफाइनरी और कतर के एक LNG प्लांट पर हमले के बाद वहां उत्पादन रोक दिया गया। इसके अलावा होर्मुज की खाड़ी में लगातार दूसरे दिन तेल टैंकरों की आवाजाही सीमित रही। इन वजहों से बाजार में तेल-गैस की सप्लाई कम होने की चिंता बढ़ गई है, जिससे कीमतें तेजी से चढ़ गईं।

रूस का तेल ले सकता है भारत

रूस का काफी तेल अभी समुद्र में है और इसे तेजी से भारत की ओर भेजा जा रहा है। अगर ग्लोबल सप्लाई की स्थिति टाइट होती है तो अमेरिका का रुख नरम पड़ सकता है। इससे भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां रूस से ज्यादा तेल खरीद सकती हैं। गौरतलब है, अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर टैरिफ बढ़ाया। जब भारत ने तेल की खरीद को कम किया तो टैरिफ घटा दिया गया।

ईरान के हमले में 6 अमेरिकी जवानों की मौत

ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 16 जवान घायल हुए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार, 3 मार्च को बताया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू होने के बाद मरने वाले सैनिकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है। CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में कहा कि 2 मार्च शाम 4 बजे (ET) तक छह अमेरिकी सैनिक कार्रवाई के दौरान मारे गए। अमेरिका का कहना है कि मिडिल ईस्ट में लड़ाई अब और तेज हो गई है।

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