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पश्चिम एशिया संघर्ष में भारतीय नागरिक की मौत, तेल टैंकर पर ईरानी आत्मघाती नौका का हमला

Iranian suicide boat attack: पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने एक नया मोड़ लिया है, जब एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। यह घटना इराक के खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास हुई, जहां एक ईरानी आत्मघाती नौका ने अमेरिकी स्वामित्व वाले कच्चे तेल के टैंकर सेफसी विष्णु को निशाना बनाया। यह हमला मार्शल द्वीप समूह के ध्वज वाले जहाज पर इराकी जलक्षेत्र में हुआ। इस घटना में भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि बाकी चालक दल के 27 सदस्य सुरक्षित रहे और उन्हें बसरा ले जाया गया।

भारतीय नागरिक की मौत पर गहरा शोक

सेफसी के करीबी सूत्रों ने इस हमले के बाद भारतीय चालक दल के सदस्य की मृत्यु पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने भारतीय सरकार से अपील की है कि इस हमले की कड़ी निंदा की जाए और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

सूत्रों ने चेतावनी दी कि वैश्विक समुद्री कार्यबल में भारतीयों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक है और यदि भविष्य में इस तरह के हमले होते हैं, तो भारतीय नागरिक अप्रत्यक्ष शिकार बन सकते हैं।

लक्षित तेल टैंकर का विवरण

वेसलफाइंडर के अनुसार, सेफसी विष्णु एक कच्चा तेल टैंकर है, जिसका निर्माण 2007 में हुआ था। यह पोत 228.6 मीटर लंबा और 32.57 मीटर चौड़ा है। इसका सकल टन भार 42,010 टन और मृत भार 73,976 टन है। यह मार्शल द्वीप समूह के ध्वज के तहत संचालित होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बड़े टैंकर पर हमला वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।

इराक ने युद्धविराम और शांति की अपील की

इस घटना के ठीक दो दिन पहले इराकी प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से कहा था कि इराक को क्षेत्रीय युद्ध में नहीं खींचा जाना चाहिए। अल-जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, सुदानी ने स्पष्ट किया कि इराकी हवाई क्षेत्र, भूभाग और जलक्षेत्र का उपयोग पड़ोसी देशों के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, क्षेत्र में बढ़ती मिसाइल और विमान गतिविधियां चिंता का विषय हैं और इराक की भूमिका शांति बनाए रखने तक सीमित होनी चाहिए।

ईरानी राष्ट्रपति का रुख

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने इस संघर्ष में अपने रुख पर अडिग रहते हुए कहा कि युद्ध समाप्त करने का एकमात्र तरीका ईरान के जायज़ दावों को मान्यता देना और भविष्य में आक्रामकता रोकने के लिए मजबूत वैश्विक गारंटी देना है।
उन्होंने कहा, “रूस और पाकिस्तान के राष्ट्रपतियों के साथ संपर्क में रहते हुए, हमने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। ज़ायोनी शासन और अमेरिका की युद्धोन्माद से उत्पन्न इस संघर्ष को रोकने का एकमात्र उपाय ईरान के अधिकारों को स्वीकार करना और उनकी आक्रामकता को दोबारा होने से रोकना है।”

भविष्य की चिंता

विश्लेषकों का मानना है कि इस घटना ने पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। तेल टैंकर पर हमले वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री व्यापार मार्गों के लिए खतरा उत्पन्न करते हैं। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में काम करने वाले नाविकों के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की आवश्यकता बढ़ गई है।

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