मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज के खिलाफ कार्रवाई की है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ‘लियान स्टार’ नामक जहाज को कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद जब उसने निर्धारित निर्देशों का पालन नहीं किया, तब उसके इंजन को निशाना बनाकर उसे रोक दिया गया। इस घटना की जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सार्वजनिक की है।
कई चेतावनियों के बाद की गई कार्रवाई
अमेरिकी सेना का कहना है कि संबंधित जहाज ईरान के एक बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था और उसे बार-बार अपना मार्ग बदलने या वापस लौटने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, 20 से अधिक चेतावनियों के बावजूद जहाज ने अपना रास्ता नहीं बदला। इसके बाद सैन्य कार्रवाई करते हुए जहाज के इंजन को निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया।
ओमान की खाड़ी में बिना इंजन के मिला जहाज
गाम्बिया का झंडा लगाए हुए यह कार्गो जहाज बाद में ओमान की खाड़ी में बहता हुआ देखा गया। अमेरिकी सेना के अनुसार, अप्रैल में शुरू की गई समुद्री नाकेबंदी के बाद यह छठा मामला है, जब किसी जहाज को प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने से रोका गया है। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि अब तक कई जहाजों को रोका गया है, जबकि बड़ी संख्या में अन्य जहाजों ने अपना मार्ग बदल लिया है।
क्षेत्रीय तनाव के बाद बढ़ी समुद्री निगरानी
मध्य पूर्व में हाल के महीनों में बढ़े सैन्य तनाव के बाद समुद्री मार्गों पर निगरानी और सुरक्षा उपायों को और सख्त किया गया है। अमेरिकी सेना का दावा है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित जोखिमों को रोकना है। इसी रणनीति के तहत कई जहाजों को ईरानी बंदरगाहों से दूर वैकल्पिक मार्ग अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।
संघर्ष के बाद बनी जटिल स्थिति
फरवरी के अंत में क्षेत्र में सैन्य संघर्ष तेज होने के बाद हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। इसके बाद विभिन्न देशों ने सुरक्षा कारणों से समुद्री गतिविधियों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी। अप्रैल में लागू किए गए अस्थायी युद्धविराम के बावजूद क्षेत्र में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और कई मुद्दों पर बातचीत जारी है।
ड्रोन खतरे के बीच सैन्य गतिविधियां जारी
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सक्रिय कुछ हमलावर ड्रोन को भी मार गिराया गया। उनका कहना है कि ये ड्रोन समुद्री यातायात और सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते थे। इसके अलावा क्षेत्र में संभावित खतरों को देखते हुए अमेरिकी सेना ने अतिरिक्त रक्षात्मक कदम भी उठाए हैं।
युद्धविराम के भविष्य पर नजर
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में युद्धविराम की अवधि बढ़ाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। यदि ऐसा होता है, तो क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम सहित कई अहम मुद्दों पर आगे की वार्ता का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर मध्य पूर्व में बदलते घटनाक्रम और समुद्री सुरक्षा से जुड़े हालात पर बनी हुई है।
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