होम = Breaking = Holi 2026: इन 5 शहरों की होली है सबसे अनोखी, रंगों का ऐसा जश्न नहीं देखा होगा आपने! जानें उन जगहों के नाम

Holi 2026: इन 5 शहरों की होली है सबसे अनोखी, रंगों का ऐसा जश्न नहीं देखा होगा आपने! जानें उन जगहों के नाम

Holi 2026: होली का पर्व सिर्फ रंग लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी रिश्तों में प्रेम बढ़ाने और मनमुटाव भुलाने का संदेश भी देता है। फाल्गुन मास में आने वाला यह उत्सव पूरे देश में उल्लास और ऊर्जा भर देता है। गलियों से लेकर चौपाल तक ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई देती है और लोग एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर खुशियां साझा करते हैं।

अगर आप इस बार होली को यादगार अंदाज में मनाना चाहते हैं, तो देश के कुछ शहर अपनी अनोखी परंपराओं और भव्य आयोजनों के लिए खास पहचान रखते हैं। यहां होली केवल त्योहार नहीं, बल्कि सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले लेती है। देश-विदेश से पर्यटक इन जगहों पर रंगों का जश्न देखने पहुंचते हैं।

आइए जानते हैं ऐसे ही पांच प्रमुख शहरों के बारे में

मथुरा-वृंदावन: भक्ति और रंगों का संगम

भगवान श्रीकृष्ण की लीलाभूमि Mathura और Vrindavan में होली कई दिनों तक चलने वाला उत्सव बन जाती है। यहां मंदिरों में फूलों की होली खेली जाती है और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर इस विशेष आयोजन का हिस्सा बनते हैं।

बरसाना: लट्ठमार होली की अनूठी परंपरा

उत्तर प्रदेश का Barsana अपनी लट्ठमार होली के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। परंपरा के अनुसार महिलाएं पुरुषों पर हंसी-मजाक में लाठियां चलाती हैं, जबकि पुरुष ढाल से बचाव करते हैं। यह अनोखी रस्म देखने हजारों सैलानी यहां जुटते हैं।

उदयपुर: शाही अंदाज़ में होली

राजस्थान का Udaipur अपनी राजसी परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां सिटी पैलेस से आकर्षक शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा, सजे-धजे घोड़े और लोक संगीत शामिल होते हैं। शाही माहौल के बीच मनाई जाने वाली होली पर्यटकों को खास अनुभव देती है।

पुष्कर: संगीत और रंगों की धूम

राजस्थान के Pushkar में होली बेहद उत्साहपूर्ण माहौल में मनाई जाती है। वराह घाट और ब्रह्मा चौक पर लोग ढोल-नगाड़ों और नृत्य के साथ रंगों का जश्न मनाते हैं। विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी इस आयोजन को और भी खास बना देती है।

आनंदपुर साहिब: होला मोहल्ला की परंपरा

पंजाब के Anandpur Sahib में होली को होला मोहल्ला के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान सिख समुदाय पारंपरिक युद्ध कौशल, घुड़सवारी और गतका जैसे मार्शल आर्ट का प्रदर्शन करता है। यहां का आयोजन धार्मिक आस्था और वीरता की झलक पेश करता है।

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