हरियाणा के फरीदाबाद में शनिवार तड़के प्रशासन ने एक बड़ी डिमोलिशन ड्राइव चलाकर कई अवैध निर्माणों को हटाया। इस कार्रवाई के दौरान एक मस्जिद और दो मंदिरों सहित कई संरचनाओं को तोड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि ये निर्माण प्रस्तावित गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत RRTS कॉरिडोर और एलिवेटेड रोड परियोजना के रास्ते में आ रहे थे, जिसके कारण इन्हें हटाना आवश्यक हो गया था। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
सुबह 4 बजे शुरू हुई कार्रवाई
फरीदाबाद प्रशासन ने यह अभियान शनिवार सुबह लगभग 4 बजे शुरू किया। कार्रवाई से पहले इलाके में व्यापक तैयारी की गई थी। पुलिस ने देर रात से ही बैरिकेडिंग शुरू कर दी थी ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके। प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए आसपास के क्षेत्र में लोगों और वाहनों की आवाजाही पर भी अस्थायी रोक लगाई। बुलडोजर और अन्य भारी मशीनों की मदद से अवैध निर्माणों को हटाया गया।
किन संरचनाओं को हटाया गया
अधिकारियों के अनुसार NIT-3 स्थित मस्जिद चौक क्षेत्र में लगभग 700 वर्ग गज में फैली एक मस्जिद को हटाया गया। इसके अलावा आसपास मौजूद दो मंदिरों और अन्य निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई। प्रशासन का दावा है कि ये संरचनाएं प्रस्तावित विकास परियोजनाओं के लिए निर्धारित मार्ग में बाधा बन रही थीं। इसी कारण इन्हें हटाने का निर्णय लिया गया।
RRTS और एलिवेटेड रोड परियोजना क्यों है महत्वपूर्ण
फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए नमो भारत RRTS कॉरिडोर को एक महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में तेज और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना का लक्ष्य शहर में ट्रैफिक दबाव कम करना और यात्रा को अधिक सुगम बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
इंटरनेट सेवाएं भी की गईं बंद
कार्रवाई से पहले प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कुछ क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट, बल्क SMS और डोंगल सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया। सरकार का उद्देश्य किसी भी अफवाह या भड़काऊ संदेश के प्रसार को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था। संवेदनशील माहौल को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
भारी पुलिस बल रहा तैनात
धार्मिक संरचनाओं से जुड़े मामलों की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। कई प्रमुख सड़कों पर यातायात को डायवर्ट किया गया ताकि अभियान बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।
फरीदाबाद में हुई यह डिमोलिशन ड्राइव केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि विकास परियोजनाओं और शहरी विस्तार से जुड़ी बड़ी तस्वीर का हिस्सा मानी जा रही है। RRTS कॉरिडोर और एलिवेटेड रोड जैसी परियोजनाएं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही हैं, लेकिन इनके लिए की जाने वाली कार्रवाई अक्सर सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाती है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन विकास कार्यों को कितनी तेजी से आगे बढ़ाता है और स्थानीय स्तर पर संतुलन बनाए रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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