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अगर ‘धुरंधर’ 90s में बनती, तो कौन निभाता कौन-सा रोल? जानें

Dhurandhar: आजकल फिल्मों को लेकर फैंस के बीच एक चीज सबसे ज्यादा चर्चा में रहती है। अगर यही फिल्म पुराने दौर में बनती तो कौन सा सुपरस्टार किस रोल में फिट बैठता। ठीक वैसा ही सवाल अब ‘धुरंधर’ को लेकर भी उठ रहा है। क्योंकि इस फिल्म के किरदारों की जो झलक सामने आई है, वो 90s के “मास” सिनेमा की याद दिलाती है। अगर सच में ‘धुरंधर’ 90 के दशक में बनती, तो इसकी कास्टिंग काफी अलग होती और शायद ज्यादा आइकॉनिक भी। चलिए एक मजेदार और इंफॉर्मेटिव अंदाज में जानते हैं कि 90s में ‘धुरंधर’ के किरदार कौन निभा सकता था।

‘रहमान डकैत’ के रोल में शाहरुख खान:‘रहमान डकैत’ जैसा किरदार जिसमें तेज दिमाग, स्वैग, डर और इमोशन सब कुछ हो,उस पर 90s में सबसे सटीक नाम आता है शाहरुख खान। SRK उस दौर में ‘बाज़ीगर’, ‘डर’, ‘करण अर्जुन’ और ‘दिल से’ जैसे रोल कर चुके थे। ऐसे में ‘रहमान डकैत’ का किरदार उनके लिए बिल्कुल परफेक्ट होता। खतरनाक भी और दिल से जुड़ा हुआ भी।

‘हमजा’ के रोल में: संजय दत्त:अगर ‘हमजा’ एक ऐसा रोल है जो दमदार, खतरनाक और भारी पर्सनैलिटी वाला है, तो 90s में यह रोल संजय दत्त से बेहतर कोई नहीं निभा सकता था। उस दौर में संजय दत्त के पास एक अलग ही स्क्रीन प्रेजेंस थी। उनकी आवाज, बॉडी लैंग्वेज और गुस्सा ऐसे रोल को सीधा यादगार बना देता।

पुलिस अफसर वाले रोल में सनी देओल:90s की फिल्मों में जब भी बात आती है। सिस्टम से भिड़ने वाले ईमानदार अफसर की तो सबसे पहले नाम आता है सनी देओल।‘घायल’, ‘दामिनी’ और ‘घातक’ जैसी फिल्मों के बाद सनी देओल को देखकर दर्शक खुद-ब-खुद मान लेते थे कि अब “एक्शन और न्याय” तय है।

चालाक विलेन के रोल में अमरीश पुरी:अगर ‘धुरंधर’ में कोई ऐसा विलेन है। जो सिर्फ ताकत से नहीं बल्कि दिमाग से खेलता है, तो 90s में यह रोल अमरीश पुरी के लिए बना होता। उनका खतरनाक अंदाज और डायलॉग डिलीवरी फिल्म के लिए सबसे बड़ा प्लस बनता।

मास्टरमाइंड टाइप किरदार में परेश रावल:‘धुरंधर’ जैसी कहानी में अक्सर एक ऐसा किरदार होता है,जो कॉमेडी भी करता है, लेकिन दिमाग भी बहुत तेज होता है। 90s में यह रोल परेश रावल से बेहतर कोई नहीं निभा सकता था। वो एक ही फिल्म में हंसाते भी थे और कहानी को घुमाते भी थे।

स्टाइलिश सपोर्ट रोल में सलमान खान:अगर फिल्म में कोई ऐसा किरदार हो जो दोस्त, भाई या टीम का स्टाइलिश हिस्सा हो तो 90s में सलमान खान का नाम फिट बैठता। उस दौर में सलमान की इमेज कूल, एनर्जी से भरी और यूथ आइकॉन वाली थी। ऐसे रोल में वो दर्शकों को तुरंत पसंद आते।

फीमेल लीड के रोल में माधुरी दीक्षित, जूही चावला:‘धुरंधर’ में अगर कोई ऐसा रोल है। जो कहानी का इमोशनल पिलर हो ,तो 90s में यह रोल अनिल कपूर को दिया जाता अनिल कपूर उस दौर में इमोशन, एक्शन और ड्रामा तीनों में मजबूत थे।

क्यों 90s वाली ‘धुरंधर’ ज्यादा चर्चा में रहती

90s का सिनेमा एक चीज के लिए जाना जाता था बड़े किरदार और दमदार एक्टिंग। अगर ‘धुरंधर’ उस दौर में बनती, तो डायलॉग ज्यादा दमदार होते,किरदारों का इमोशन ज्यादा गहरा होता।

धुरंधर’ जैसी फिल्म अगर 90s में बनती, तो इसकी कास्टिंग बेहद दिलचस्प होती। SRK का ‘रहमान डकैत’, संजय दत्त का ‘हमजा’ और सनी देओल का पुलिस रोल ये कॉम्बिनेशन उस दौर में बॉक्स ऑफिस पर आग लगा देता। फिलहाल तो ये सिर्फ एक कल्पना है, लेकिन फैंस के लिए ऐसी “ड्रीम कास्टिंग” सोचने में भी मजा आता है।

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