Delhi Red Fort Blast: दिल्ली के लाल किला के पास 10 नवम्बर 2025 को हुए भीषण धमाके की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। संयुक्त राष्ट्र की 37वीं रिपोर्ट में इस हमले से जैश-ए-मोहम्मद के जुड़ाव का संकेत मिला है। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी और उस समय हमले की जिम्मेदारी जैश ने ली थी। रिपोर्ट में मसूद अजहर की नई विंग ‘जमात-उल-मुमिनात’ का भी जिक्र किया गया है।
रिपोर्ट में प्रमुख बातें
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट सीमा पार आतंकवाद पर गंभीर सवाल उठाती है। रिपोर्ट 1267 सैंक्शंस कमेटी के लिए तैयार की गई थी। इसमें नई दिल्ली हमले के अलावा अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम हमले का भी जिक्र है, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।
जैश की सक्रियता को लेकर मतभेद
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का दावा है कि जैश-ए-मोहम्मद आज भी सक्रिय है और क्षेत्रीय आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा है। वहीं, पाकिस्तान ने संगठन को निष्क्रिय बताया है। पाकिस्तान का कहना है कि जैश और लश्कर-ए-तैयबा पर पहले ही प्रतिबंध लग चुका है और ये संगठन अब सक्रिय नहीं हैं।
मसूद अजहर की नई विंग
रिपोर्ट में बताया गया है कि जैश प्रमुख मसूद अजहर ने 8 अक्टूबर 2025 को महिलाओं की एक नई विंग ‘जमात-उल-मुमिनात’ बनाने की घोषणा की थी। हालांकि यह विंग अभी संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल नहीं है, लेकिन इसके आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
अन्य घटनाओं का जिक्र
रिपोर्ट में 28 जुलाई 2025 को तीन संदिग्ध आतंकियों की मौत का भी उल्लेख है। इसके अलावा, मई 2025 में भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर की गई कार्रवाई और उसके बाद चार दिनों तक चले सैन्य तनाव का जिक्र भी किया गया है।
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