CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा है कि भारत में उम्र-भर या कयामत तक बाबरी मस्जिद के ढांचे को फिर से बनाने का सपना देखने वालों की यह उम्मीद कभी पूरी नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश का कानून सभी के लिए बराबर है और कानून तोड़ने वालों को कड़ी सजा मिलेगी।
सीएम योगी ने कहा कि यह सरकार वही करती है जो कहती है, और काम के साथ भरोसा बनाती है। उन्होंने राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले यह कहा गया था कि “रामलला आएंगे और मंदिर वहीं बनेगा” और आज वह सपना साकार हो रहा है।
“कयामत के दिन तक बाबरी नहीं बनेगी”
योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में अपने संबोधन में दोहराया कि जो लोग बाबरी ढांचे को फिर से खड़ा करने का सपना देखते हैं, वह दिन कभी नहीं आएगा। उन्होंने कहा कि वे ऐसे सपनों को हमेशा के लिए तोड़ते रहेंगे और भारत की गौरवशाली सनातन परंपरा को सम्मान देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या धाम में श्रीराम मंदिर में केसरिया ध्वज का आरोहण कर देश को एक ऐसा प्रतीक दिखाया है जो भारतीय संस्कृति और आत्म-सम्मान को आगे बढ़ाता है।
अयोध्या में 500 साल बाद गौरवशाली क्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का कार्य वर्षों की प्रतीक्षा के बाद पूरा हुआ है, और यह 500 साल में एक गौरवशाली क्षण है। उन्होंने आलोचना की कि पहले कई सरकारें आईं लेकिन राम मंदिर के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए। कुछ लोग संकट के समय ही धर्म को याद करते हैं और फिर भूल जाते हैं, इसलिए अब भगवान राम भी उन्हें भूल चुके हैं, उन्होंने कहा।
योगी का सियासी सन्देश
योगी आदित्यनाथ ने जाति, भाषा और क्षेत्र के नाम पर विभाजन वाली राजनीति से जनता को सावधान किया और कहा कि अगर लोग बंट गए तो कटने के रास्ते भी खुल जाएंगे, एक इशारा आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (2027 में) की ओर। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता ही देश की वास्तविक शक्ति है।
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