AI Impact Summit India 2026: यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को भारत मंडपम में एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट में टीशर्ट उतारकर हंगामा किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अब इस पर शर्मनाक घटना पर बीजेपी ने पलटवार किया है। भाजपा सोशल मीडिया के इंचार्ज अमित मालवीय ने इसे देश का अपमान बताया है।
क्या बोले अमित मालवीय?
मालवीय ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “देश के लिए शर्म की बात, ऐसे समय में जब भारत एक मशहूर ग्लोबल AI समिट होस्ट कर रहा है, जिसमें टेक्नोलॉजी में अपने इनोवेशन और लीडरशिप को दिखाया जा रहा है, कांग्रेस पार्टी ने इज्जत के बजाय रुकावट को चुना। राहुल गांधी की लीडरशिप मेंकांग्रेस वर्कर्स ने टॉपलेस होकर वेन्यू पर हंगामा किया, यह काम साफ तौर पर दुनिया के मंच पर भारत को शर्मिंदा करने के लिए किया गया था।”
उन्होंने आगे कहा किजब देश खुद को ग्लोबल टेक्नोलॉजी पावरहाउस के तौर पर बनाने की कोशिश कर रहा है, तो ऐसा बर्ताव सिर्फ़ उन लोगों के फ़ायदे में है जो भारत को लड़खड़ाते देखना चाहते हैं। पॉलिटिकल विरोध एक डेमोक्रेटिक हक है, लेकिन भारत की ग्लोबल इमेज को नुकसान पहुंचाना नहीं। उन्होंने कहा कि भारत इससे बेहतर का हक़दार है।
ये एंटी नेशनल कांग्रेस है- शहजाद पूनावाला
इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उनके लिए AI एम्बिशियस इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एस्पिरेशनल इंडिया नहीं है। उनके लिए AI एंटी-इंडिया है। यह INC नहीं है, यह ANC है, एंटी-नेशनल कांग्रेस है। AI समिट की दुनिया भर में तारीफ हो रही है।
उन्होंने कहा कि प्रेसिडेंट मैक्रों से लेकर यूनाइटेड नेशंस सेक्रेटरी जनरल तक, टॉप टेक कंपनी के बड़े लोगों तक, सैम ऑल्टमैन से लेकर सुंदर पिचाई तक, हर कोई इसकी तारीफ कर रहा है। यहां तक कि शशि थरूर ने भी कहा कि AI समिट बहुत बढ़िया था। लेकिन राहुल गांधी के कहने पर कांग्रेस पार्टी प्रोटेस्ट कर रही है। यह एक कैरेक्टरलेस, ब्रेनलेस, इमोशनलेस प्रोटेस्ट है। यह BJP के खिलाफ प्रोटेस्ट नहीं है, यह PM के खिलाफ प्रोटेस्ट नहीं है, यह इंडिया की अचीवमेंट्स के खिलाफ प्रोटेस्ट है।”
यूथ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
आपको बता दें कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता भारत मंडपम पहुंचे और उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर जाकर अपनी कमीजें उतारकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौते से भारत को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है और इसे लेकर सरकार के निर्णय के खिलाफ विरोध करना जरूरी है। उनका विरोध मुख्य रूप से नए व्यापार ढांचे पर केंद्रित था, जिसे विपक्षी दल कांग्रेस ने पहले भी आलोचना का विषय बनाया था।

