Motihari conversion News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक घर वापसी की खबर सामने आई है। जहां परिवार के छह सदस्यों ने अपनी इच्छा से इस्लाम छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने का फैसला किया। इन छह सदस्यों ने फिर से वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सनातन धर्म अपनाकर घर वापसी की है।
क्या है पूरा मामला?
तुरकौलिया प्रखंड के बेलवा राय पंचायत के महनवा गांव में रहने वाले रफीक मियां के परिवार ने यह कदम उठाया। परिवार का कहना है कि उनके पूर्वज मूल रूप से हिंदू थे, लेकिन कई साल पहले परिस्थितियों के चलते उनके दादा ने धर्म परिवर्तन कर लिया था। अब परिवार ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि यह फैसला पूरी तरह स्वेच्छा से लिया गया है।
मंदिर में हुआ अनुष्ठान
हिंदू धर्म अपनाने के लिए पूरा परिवार मोतिहारी स्थित नरसिंह बाबा मंदिर पहुंचा, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई गई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन हुआ और सभी सदस्यों को तिलक लगाया गया। अनुष्ठान के बाद परिवार ने धार्मिक जयकारे भी लगाए। मंदिर के पुजारी के अनुसार, परिवार ने खुद संपर्क कर अपनी इच्छा जाहिर की थी।
परिवार का बयान
परिवार की सदस्य सविता देवी ने बताया कि वे अपने पूर्वजों की परंपरा में लौटे हैं और इसे अपनी पहचान से जुड़ा फैसला मानते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय में किसी प्रकार का दबाव या लालच शामिल नहीं है, बल्कि यह उनका निजी और पारिवारिक निर्णय है। परिवार अब हिंदू रीति-रिवाजों को अपनाने की तैयारी कर रहा है।
अन्य पहलू और प्रशासनिक स्थिति
बताया जा रहा है कि परिवार ने हाल ही में एक जमीन से जुड़े मामले में प्रशासन से संपर्क किया था, जहां उन्हें अपनी धार्मिक पहचान स्पष्ट करने की सलाह मिली थी। इसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और संवेदनशीलता
यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। घर वापसी जैसे मामलों में सामाजिक और कानूनी दोनों पहलू अहम होते हैं। आमतौर पर प्रशासन यह सुनिश्चित करता है कि ऐसे फैसले बिना किसी दबाव या प्रलोभन के लिए जाएं। फिलहाल, परिवार ने इसे स्वेच्छा से लिया गया निर्णय बताया है और शांतिपूर्वक जीवन जीने की बात कही है।
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