Bangladesh Election Results 2026: बांग्लादेश में हुए आम चुनाव 2026 के नतीजों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव दर्ज किया है। शुरुआती रुझानों और पार्टी सूत्रों के मुताबिक Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) ने स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ते हुए अगली सरकार बनाने का दावा किया है। यह चुनाव 2024 की युवा-नेतृत्व वाली जनक्रांति के बाद पहली बार हुआ, जिसने लंबे समय से सत्ता में रही शेख हसीना सरकार को हटा दिया था।
तीन दशकों में पहली बार ‘नौका’ चुनाव मैदान से बाहर
बता दें कि 30 साल में पहली बार अवामी लीग का चुनाव चिन्ह ‘नौका’ बैलेट पेपर से गायब रहा, क्योंकि पिछली सरकार के पतन के बाद पार्टी को निलंबित कर दिया गया था। इस बार राजनीतिक परिदृश्य में नए समीकरण उभरकर सामने आए, जिनमें बीएनपी, 11-दलीय गठबंधन (जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व में) और युवा आधारित National Citizen Party (NCP) प्रमुख ताकतों के रूप में दिखे।
वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश में हुए आम चुनाव में (BNP) की शानदार जीत पर तारिक रहमान को शुभकामनाएँ दी हैं। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनावी सफलता से जनता के विश्वास और समर्थन की पुष्टि होती है।
निर्वासन से वापसी और पीएम पद की दावेदारी
बीएनपी के कार्यकारी प्रमुख तारिक रहमान 17 वर्षों के निर्वासन के बाद पिछले दिसंबर में स्वदेश लौटे थे। मौजूदा रुझानों से संकेत मिल रहे हैं कि वे बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं।
जमात-ए-इस्लामी को झटका
Shafiqur Rahman के नेतृत्व वाली जमात-ए-इस्लामी भी चुनावी मुकाबले में प्रमुख रूप से शामिल थी, लेकिन शुरुआती नतीजों में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिलती दिख रही है।
Gen-Z मतदाताओं की निर्णायक भागीदारी
इस चुनाव में 18 से 37 वर्ष आयु वर्ग के मतदाता लगभग 44 प्रतिशत रहे। 2024 के आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले युवाओं का प्रभाव इस बार भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। विश्लेषकों का मानना है कि युवा वोटरों ने सत्ता परिवर्तन की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाई।
कितने उम्मीदवार थे मैदान में?
मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू होकर शाम 4:30 बजे तक चला। चुनाव में कुल 50 राजनीतिक दलों के 1,755 प्रत्याशी और 273 निर्दलीय उम्मीदवार मैदान में थे।
बीएनपी का बहुमत का दावा
बीएनपी के मीडिया प्रकोष्ठ ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार बनाने का दावा किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि वे दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंच चुके हैं। वरिष्ठ नेता रुहुल कबीर रिजवी ने इसे “व्यापक जनादेश” करार दिया और समर्थकों से सड़कों पर जश्न मनाने के बजाय शुक्रवार को प्रार्थना के जरिए आभार जताने की अपील की।
विजय जुलूस नहीं, विशेष प्रार्थना का आह्वान
बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने समर्थकों से संयम बरतने को कहा है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने देशभर में जुमा की नमाज के बाद विशेष प्रार्थना आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी का कहना है कि यह जीत लोकतंत्र और जनता की इच्छा की विजय है, जिसे शांतिपूर्ण तरीके से स्वीकार किया जाएगा।
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