Allahabad HC News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस एनकाउंटर में अभियुक्तों के पैरों में गोली मारने की बढ़ती घटनाओं पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार केवल न्यायपालिका के पास है, पुलिस के पास नहीं। कोर्ट ने इसे कानून के शासन और सांविधानिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई, संदेह होता है
हाईकोर्ट कोर्ट कहा कि हाल के दिनों में छोटे-छोटे अपराधों, जैसे चोरी या लूट के मामलों में भी पुलिस की ओर से मुठभेड़ दिखाकर आरोपियों के पैरों में गोली मारने की घटनाएं सामने आ रही हैं। वर्तमान मामले में किसी भी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई है। इससे संदेह होता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अधिकारियों ने निर्देशों के पालन की बात कही
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव (गृह) व डीजीपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये तलब कर जवाब मांगा था। शुक्रवार को दोनों अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हाजिर हुए और भरोसा दिलाया कि मुठभेड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के लिए सर्कुलर जारी किए गए हैं। इनका पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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