Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद मामले ने राजनीतिक और सुरक्षा सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के तुरंत बाद जांच शुरू कर दी गई थी, लेकिन अब अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने भी इस दुर्घटना के पीछे साजिश की संभावना जताई है और तेज़ी से विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
DGCA की टीम ने दौरा किया घटनास्थल
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, DGCA (Director General of Civil Aviation) की चार सदस्यीय टीम ने बुधवार को हादसे के स्थल का दौरा किया। टीम ने 28 जनवरी को सुबह हुई दुर्घटना से जुड़े CCTV फुटेज और वीडियो की समीक्षा की। विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, कैप्टन सुमित कपूर, सह-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर विदिप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत हुई थी।
मंत्री का बयान: टाइम-बाउंड जांच होगी
सिविल एविएशन मंत्रालय की ओर से बताया गया कि बारामती में यह एयरफील्ड ‘अनकंट्रोल्ड’ है, यानी इसमें डेडिकेटेड एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) मौजूद नहीं है। एयर ट्रैफिक की जानकारी आमतौर पर लोकल फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर या पायलट देते हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि विमान हादसे की जांच टाइम-बाउंड तरीके से पूरी की जाएगी। हादसे के तुरंत बाद AAIB और DGCA की टीमों ने घटनास्थल का दौरा किया और विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद किया गया।
रोहित पवार ने जताई साजिश की आशंका
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक और अजित पवार के भतीजे, रोहित पवार ने घटना के क्रम और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हादसे में साजिश की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और विशेषज्ञ एजेंसियों से पूरी जांच कराने की मांग की।
जांच जारी
महाराष्ट्र क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने 30 जनवरी से इस विमान हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारी और राजनीतिक हस्तियां हादसे की वजहों को लेकर लगातार सवाल उठा रही हैं। जांच टीम घटनास्थल, ब्लैक बॉक्स और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण कर रही है।
इस हादसे ने राज्य और केंद्र सरकार के सुरक्षा प्रोटोकॉल पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और राजनीतिक हलकों में इसके पीछे की संभावित साजिश को लेकर चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं।
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