Gwalior stampede: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में मंगलवार सुबह नवग्रह पीठ के कलश यात्रा कार्यक्रम के दौरान भगदड़ मचने से एक महिला की जान चली गई और कई अन्य महिलाएं घायल हो गईं। मृतका की पहचान रति साहू के रूप में हुई है, जो हनुमान कॉलोनी की निवासी थीं। वहीं, दो अन्य गंभीर रूप से घायल महिलाओं की पहचान विमला और कला बाथम के रूप में हुई है।
भगदड़ की वजह और घटना का क्रम
पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ग्वालियर के डबरा में नवग्रह मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कर रहे थे। इसी कार्यक्रम के तहत सुबह कलश यात्रा निकाली जा रही थी। भीड़ बढ़ने और आयोजन में अव्यवस्था के चलते अचानक भगदड़ मच गई।
पुलिस की एक गलती के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। बताया गया कि एक गेट को खोला और अचानक बंद कर दिया गया, जिससे कई महिलाएं दब गईं। घायलों को तत्काल डबरा सिविल अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान 70 वर्षीय रति साहू की मौत हो गई। दो अन्य महिलाओं को ग्वालियर रेफर किया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रशासन और परिजनों की प्रतिक्रिया
परिजन प्रशासन की लापरवाही पर नाराज हैं। मृतका की बहू रीना साहू ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने गेट अचानक बंद कर दिया, जिससे भगदड़ हुई। साथ ही अस्पताल में डॉक्टर और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण समय पर उपचार नहीं मिल पाया। इस हादसे के बाद परिजन शव के साथ डबरा पुलिस थाने पहुंचे। वहीं पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी।
नवग्रह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव
नवग्रह पीठ का प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 10 से 20 फरवरी तक चलना प्रस्तावित है। मंगलवार को विशाल कलश यात्रा निकाली जानी थी। हालांकि, सुबह 9 बजे से स्टेडियम ग्राउंड पर महिलाओं की भीड़ बढ़ने लगी। कलश वितरण शुरू होते ही अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग और परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: मणिपुर के इस जिले में भड़की हिंसा, 30 से ज्यादा घरों में आगजनी के बाद 5 दिनों के लिए बंद किया गया इंटरनेट

