ED Raid : कांग्रेस विधायक केसी वीरेंद्र ‘पप्पी’ एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी के शिकंजे में आ गए हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शनिवार को सिक्किम से उन्हें गिरफ्तार किया। उन पर आरोप है कि वह अवैध ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी के कारोबार से जुड़े नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। इस मामले में ईडी ने कई राज्यों में छापेमारी की और करोड़ों रुपये की नकदी, ज्वैलरी और अन्य संपत्ति जब्त की।
घर से 12 करोड़ नकद और ज्वैलरी जब्त
ईडी की कार्रवाई ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, 22 और 23 अगस्त को देशभर के 31 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इसमें सिक्किम की राजधानी गंगटोक, बेंगलुरु, चित्रदुर्ग, मुंबई, गोवा, जोधपुर और हुबली जैसे शहर शामिल थे। इस दौरान ईडी ने करीब 12 करोड़ रुपये नकद, जिसमें लगभग एक करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा भी शामिल है, बरामद किए। इसके अलावा 6 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण, 10 किलो चांदी और चार लग्जरी वाहन भी जब्त किए गए।
17 बैंक खाते और 2 लॉकर सील
ईडी ने बताया कि विधायक वीरेंद्र के साथ उनका परिवार भी इस नेटवर्क में शामिल है। उनके भाई केसी थिप्पेस्वामी दुबई से तीन कंपनियां डायमंड सॉफ्टेक, टीआरएस टेक्नोलॉजीज और प्राइम9 टेक्नोलॉजीज चला रहे थे। ये कंपनियां कॉल सेंटर और ऑनलाइन गेमिंग सेवाओं से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा, छापेमारी में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ‘किंग 567’ नाम से कई ऑनलाइन सट्टेबाजी साइटें चला रहे थे। तलाशी के दौरान कई बैंक खाते और लॉकर फ्रीज किए गए हैं। अब तक 17 बैंक खाते और 2 लॉकर सील किए जा चुके हैं। साथ ही, केसी वीरेंद्र के भाई और बेटे के परिसरों से अचल संपत्ति और आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले हैं। ईडी का कहना है कि जब्त सामग्री से इस बात के संकेत मिलते हैं कि अवैध धन को छिपाने और घुमाने के लिए जटिल तरीके अपनाए गए।
फैलते नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल
गिरफ्तारी के बाद वीरेंद्र को गंगटोक की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें बेंगलुरु स्थित न्यायिक अदालत में पेश करने के लिए ट्रांजिट रिमांड दिया गया। फिलहाल ईडी का बेंगलुरु जोन इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। यह गिरफ्तारी न केवल कांग्रेस के लिए एक बड़ी परेशानी बन सकती है बल्कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी के तेजी से फैलते नेटवर्क पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। ईडी का कहना है कि आगे की जांच में कई और बड़े खुलासे संभव हैं।
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