Trump Nobel Prize Gift: वेनेजुएला की विपक्षी नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो ने बीते दिन गुरुवार को वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार में गिफ्ट में दिया, जिसे ट्रंप ने मुस्कुराते हुए इसे स्वीकार कर लिया। ट्रंप ने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर लिखा, “आज वेनेज़ुएला की मारिया कोरिना मचाडो से मिलना मेरे लिए सम्मान की बात थी। उन्होंने मेरे काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार भेंट किया। धन्यवाद मारिया। “
मचाडो ने नोबेल देते वक्त क्या कहा
मारिया कोरिना मचाडो ने ब्रिटेन के खिलाफ क्रांतिकारी युद्ध में अमेरिका की मदद करने वाले फ्रांसीसी अधिकारी मार्क्विस डी लाफायेट की याद दिलाई। मचाडो ने कहा कि लाफायेट ने स्पेन के खिलाफ सफल स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने वाले वेनेजुएला के साइमन बोलिवर को पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन की तस्वीर वाला एक मेडल सौंपा था। मचाडो ने कहा, “दो सौ साल के इतिहास में, बोलिवर के लोग वाशिंगटन के उत्तराधिकारी को एक मेडल वापस दे रहे हैं – इस मामले में, नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल. यह हमारी स्वतंत्रता के साथ उनकी अद्वितीय प्रतिबद्धता की मान्यता के रूप में है।”
ट्रंप नोबेल रखेंगे या लौटा देंगे
राष्ट्रपति ट्रंप नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने के बाद बेहद खुश नज़र आए। हालांकि, उनके विपक्षियों ने इस पर आपत्ति भी जताई है। ऐसे में चर्चा तेज हो गई है कि ट्रंप ये पुरस्कार रखेंगे या लौटा देंगे। इस पर CNN ने मामले से परिचित एक सूत्र के हवाले से बताया कि मचाडो ने मेडल वाइट हाउस में ही छोड़ दिया था और यह फिलहाल राष्ट्रपति के पास है।
जानिए क्या है पूरा विवाद
नोबेल प्राइज को लेकर विवाद पहली बार सामने नहीं आया है, इससे पहले भी कई तरह के विवादों से इसका नाता रहा है। इस मामले की बात करें तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल प्राइज अनाउंस होने से पहले पूरा माहौल तैयार कर लिया था, उनका दावा था कि उन्होंने दुनिया के कई देशों को युद्ध में जाने से रोका है, इसीलिए उन्हें नोबेल पीस प्राइज दिया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उनकी जगह वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को ये पुरस्कार मिल गया।
मारिया कैसे बनी ट्रंप की प्रशंसक
वेनेजुएला में अमेरिकी सेना की कार्रवाई और वहां के राष्ट्रपति निकल्स मादुरो को पड़कर अमेरिका लाए जाने का विपक्षी नेता मारियो कोरिया मचाडो ने समर्थन किया था। माना जा रहा है कि यही वो कारण जिसके चलते मारियो ने अपना नोबेल पुरस्कार ट्रंप को गिफ्ट किया है। हालांकि, ट्रंंप ने वेनेजुएला की सरकार पर अमेरिका में ड्रग व हथियार की तस्करी कर लाए जाने का आरोप लगाया था।
ये भी पढ़ें: ईरान में सत्ता बदली तो भारत के लिए सुनहरा मौका या बड़ा झटका, जानिए आज के एक्सप्लेनर में…

