होम = State = बिहार = सावन खत्म होते ही बिहार में मटन-चिकन की बाढ़, पहले ही 100 करोड़ का कारोबार

सावन खत्म होते ही बिहार में मटन-चिकन की बाढ़, पहले ही 100 करोड़ का कारोबार

by | Aug 13, 2025 | बिहार

Bihar News : बिहार में सावन माह का समापन होते ही नॉनवेज प्रेमियों ने मटन और मुर्गा पर जमकर हाथ साफ किया. धार्मिक परंपराओं के अनुसार सावन के महीने में अधिकांश लोग मांसाहारी भोजन से परहेज करते हैं, लेकिन जैसे ही सावन खत्म हुआ, नॉनवेज के शौक़ीनों ने मटन और चिकन की दुकानों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. पूरे बिहार के बाजारों में रविवार को मटन और चिकन की बिक्री में जोरदार उछाल आया.

पटना में 1,000 क्विंटल बकरा बिका

पटना में रविवार को मटन की बिक्री ने रिकॉर्ड बना दिया. मटन व्यवसायी मोहम्मद सत्तार के अनुसार, अकेले पटना में 1,000 क्विंटल बकरा बेचा गया, जिससे करीब 10 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ. व्यापारियों ने बताया कि सावन के महीने में कारोबार ठप था, लेकिन इस दिन के व्यापार ने मांस विक्रेताओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी.

बिहार में 100 करोड़ रुपये का नॉनवेज कारोबार

सिर्फ पटना ही नहीं, पूरे बिहार में मटन और चिकन की मांग अचानक आसमान छूने लगी. मटन व्यवसायियों के मुताबिक, राज्यभर में लगभग 10,000 क्विंटल बकरा बिका, जिससे कुल कारोबार करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंचा. सावन के महीने में कारोबार ठप रहने के बाद यह दिन मांस विक्रेताओं के लिए किसी तोहफे से कम नहीं था.

ये भी पढ़ें : बिहार महागठबंधन में डिप्टी सीएम पद को लेकर घमासान, मुकेश सहनी की दावेदारी पर सहयोगी दलों ने नकारा

मुर्गा व्यवसाय में भी हड़बड़ी

बकरा ही नहीं, मुर्गा कारोबार में भी इस दिन जबरदस्त उछाल देखा गया. पटना में मुर्गा खरीदने के लिए लोग सुबह से ही दुकानों पर पहुंचने लगे. खरा मुर्गा ₹160 प्रति किलो और देसी मुर्गा ₹600 प्रति किलो तक बिका. मांस व्यवसायी मोहम्मद सलीम ने बताया कि बाजार में मुर्गे की भारी मांग थी, जिससे विक्रेताओं को अतिरिक्त स्टॉक लाना पड़ा.

कीमतों में इजाफा

मांग बढ़ने के कारण मटन और चिकन की कीमतों में भी इजाफा हुआ. मोतिहारी में रविवार और सोमवार को मटन और चिकन की दुकानों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं. मटन ₹600 से ₹650 प्रति किलो और चिकन ₹250 से ₹280 प्रति किलो बिकने लगा. थोक चिकन विक्रेताओं ने बताया कि चिकन की भारी मांग के कारण स्टॉक कम पड़ने लगा, जिससे कीमतों में 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी हुई.

पूर्ववर्ती वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ा

मांस कारोबारियों ने बताया कि सावन के बाद का पहला रविवार हमेशा लाभकारी रहता है, लेकिन इस बार बिक्री के आंकड़े पिछले सालों से कहीं अधिक रहे. बाजार में भारी भीड़ और उत्साह इस बात का प्रमाण था कि लोग एक महीने के बाद अपने पसंदीदा मांसाहारी भोजन का आनंद लेने के लिए कितने बेताब थे.

Tags : bihar news