Viksit Bharat 2047 Conclave: दिल्ली के न्यू महाराष्ट्र सदन में आज यानी 3 दिसंबर को News India 24×7 द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत @2047’ कॉन्क्लेव में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य के विकास, सुरक्षा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों पर खुलकर बातचीत की। बातचीत का संचालन आउटपुट एडिटर रोहित पुनेठा ने किया।
रावत ने उत्तराखंड की पहचान पर बात करते हुए कहा कि देवभूमि का महत्व किसी सरकारी उपाधि से नहीं, बल्कि सदियों की तपस्या, त्याग और ऋषि-मुनियों की आध्यात्मिक विरासत से बना है। उन्होंने कहा कि सीमाओं की सुरक्षा सीधे राज्य और देश की सुरक्षा से जुड़ी है।
पलायन एक चुनौती
आयुष्मान योजना और शिक्षा सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में NCERT की किताबें लागू की गईं, ताकि बच्चों को सस्ती और बेहतरीन शिक्षा मिल सके। उन्होंने स्वीकारा कि पलायन एक चुनौती है, लेकिन सरकार ने ग्रामीण शिक्षा और स्वास्थ्य में मजबूत कदम उठाए हैं।
वोट चोरी और घुसपैठ पर बात
घुसपैठ के मुद्दे पर विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए रावत ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही BJP पर मुद्दा उछालने का आरोप लगाना विपक्ष की पुरानी शैली है। उन्होंने कहा कि SIR (Special Inquiry of Voters) का उद्देश्य केवल फर्जी वोटरों को हटाना है न कि चुनावी लाभ लेना। उनके अनुसार बिहार में मिले फर्जी वोटरों के उदाहरण बताते हैं कि वोटर लिस्ट सुधार आवश्यक है, क्योंकि “कुछ दल जिन्नों से ज्यादा मुर्दों के वोट पर निर्भर रहते हैं।”
विपक्ष की अमर्यादित भाषा पर तीखा जवाब देते हुए रावत ने कहा कि राजनीति में शुचिता होनी चाहिए। उन्होंने हाल के मामलों का जिक्र कर कहा कि “जनता हमसे संयमित और मर्यादित व्यवहार की उम्मीद करती है,” और विपक्ष को अपने शब्दों पर नियंत्रण रखने की नसीहत दी।
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