Sheikh Hasina Verdic : बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना को इंटरनेशनल क्राइम्स ट्राइब्यूनल (ICT) की तरफ से सजा-ए-मौत का फरमान सुनाया गया है। इस खबर के बाद चारों तरफ राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ICT के फैसले के कुछ ही घंटों बाद भारत ने अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की।
भारत के विदेश मंत्रालय ने दिया बयान
भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इस फैसले का संज्ञान ले रहा है और एक करीबी पड़ोसी के रूप में बांग्लादेश के लोगों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही भारत ने बयान में साफ कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता बांग्लादेश में शांति, लोकतंत्र, समावेशिता और स्थिरता सुनिश्चित करना है।
विदेश मंत्रालय ने कहा- हम हमेशा बांग्लादेश के लोगों और उनके हितों के साथ खड़े रहे हैं। भारत इस उद्देश्य से जुड़ी हर प्रक्रिया में सभी पक्षों के साथ रचनात्मक संवाद जारी रखेगा।
बांग्लादेश में तनाव के हालात
भारत के ये बयान ऐसे समय में सामने आया है जब बांग्लादेश में फैसले के बाद तनाव, विरोध प्रदर्शन के साथ-साथ ध्रुवीकरण की स्थिति बन गई है। बांग्लादेश में कुछ जगहों पर हसीना समर्थक सड़कों पर आ गए हैं और ICT के इस फैसल का जमकर विरोध कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ विपक्ष फैसले से पूरी तरह खुश नजर आ रहा है। वहीं बांग्लादेश के लिए इस माहौल में भारत का यह संतुलित और कूटनीतिक रुख साफ संकेत देता है कि वह वहां स्थिरता बनाए रखने को लेकर काफी ज्यादा चिंतित है। इसके साथ ही भारत ढाका के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी पूरी तरह से नजर रखे हुए है।
बांग्लादेश ने की भारत से मांग
वहीं बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में जारी एक प्रेस रिलीज में शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान को भारत से प्रत्यर्पित करने की मांग उठाई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने जुलाई नरसंहार के मामले में दोनों को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई है। बयान में चेतावनी दी गई कि ऐसे लोगों को शरण देना किसी भी देश की ओर से अत्यंत शत्रुतापूर्ण कदम माना जाएगा और यह न्याय प्रक्रिया के प्रति अनादर दर्शाएगा।
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