Viksit Bharat 2047 Conclave : Viksit Bharat 2047 Conclave में देश के महत्वपूर्ण नेताओं की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है। इस मंच पर MLC दानिश आज़ाद अंसारी ने वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 को लेकर फैली गलतफहमियों और भ्रम पर अपनी बात रखी और वक्फ की सही भूमिका पर प्रकाश डाला।
क्या होता है वक्फ का मतलब?
दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा-“वक्फ का मतलब होता है खुदा की संपत्ति। वक्फ की संपत्ति मुस्लिम समाज के कल्याण के लिए दान की जाती है। यह संपत्ति धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक कल्याण के लिए होती है। लेकिन इसके बारे में काफी भ्रम फैलाया गया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय ने इस भ्रम को तोड़ते हुए वक्फ के सही उद्देश्य को पहचाना। उनका मानना है कि इस मामले में सटीक और तार्किक बहस की जाए।
उत्तर प्रदेश में वक्फ की स्थिति
दानिश आज़ाद अंसारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में लगभग 1,25,000 वक्फ संपत्तियां हैं। इनमें से 50-60% संपत्ति में मस्जिद, कब्रिस्तान, करबला और दरगाह शामिल हैं। बाकी 30% ऐसी जमीनें हैं, जो मुस्लिम समुदाय के कल्याण के लिए उपयोग होनी चाहिए थीं।
दानिश आज़ाद अंसारी ने सवाल उठाया कि क्या इन संपत्तियों पर दुकानें या निजी लाभ के लिए उपयोग किया जा रहा है? उन्होंने स्पष्ट कहा-“वक्फ की संपत्ति खुदा की है। इसका सही उपयोग केवल मुस्लिम समुदाय के विकास और कल्याण के लिए होना चाहिए। गरीब मुस्लिमों के लिए अस्पताल, स्कूल और सामाजिक संस्थाएं बनाई जानी चाहिए।”
सही इस्तेमाल ही मुस्लिम कल्याण का रास्ता
दानिश आज़ाद अंसारी ने मीडिया और News India 24×7 के माध्यम से इस संदेश को साझा किया कि वक्फ की संपत्ति का सदुपयोग जरूरी है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश के किसी भी शहर में अभी तक एक भी वक्फ संपत्ति पर गरीब मुस्लिमों के लिए कोई अस्पताल या स्कूल नहीं खोला गया, जो कि उनकी विकास और कल्याण के लिए होना चाहिए।
उन्होंने समुदाय और सरकार दोनों से अपील की कि वक्फ संपत्ति को सही उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया जाए, ताकि मुस्लिम समाज का सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक विकास हो सके।

