Viksit Bharat 2047 Conclave : प्रदूषण के मुद्दे पर अजय सिंह उपाध्याय ने BJP और सरकार पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा – “अभी तो मौसम बहुत प्यारा है, प्रधानमंत्री जी ने ही कहा है। श्रीनिवास बीवी ने भी यही लिखा है। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि मौसम का मज़ा लीजिए, लोग बेवजह परेशान हैं।”
उनके अनुसार प्रधानमंत्री जी ने विकसित भारत की जो परिकल्पना 2047 तक रखी है, उसमें प्रदूषण समाप्त करने की नई योजना की शुरुआत ज़रूर होगी। उपाध्याय ने व्यंग्य करते हुए सुझाव दिए कि प्रदूषण का नाम बदलकर ‘प्रहसन’ रख दिया जाए, ताकि लोग प्रदूषण का नहीं, प्रहसन का आनंद ले सकें—नाटक भी चलेगा, नौटंकी भी चलेगी और लोग प्रसन्न भी रहेंगे। यानी, समस्या नहीं, समस्या देखने के नजरिए को बदलने की ज़रूरत है।
उन्होंने आगे कहा- “मोदी जी के लिए तो देश में कोई समस्या है ही नहीं।” 1 डॉलर 90 रुपये तक पहुंच गया ये अच्छा काम है लेकिन फिर भी लोग परेशान हैं। देश का कर्ज़ 11 साल में तीन गुना हो चुका है, फिर भी “सब झूठ से परेशान हैं।” वहीं सरकार के अनुसार GDP 8.2% बढ़ी और महंगाई 0.25%- कमाल है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता को मॉल में जाकर खरीदारी करनी चाहिए, जबकि मॉल वाले कह रहे हैं कि माल बिक ही नहीं रहा। यहां तक कि अडानी जी को—जो “प्रधानमंत्री के मित्र” माने जाते हैं- उन्हें भी मंदी की मार झेलनी पड़ रही है। फिर भी बेवजह परेशान होने का कोई कारण नहीं है, क्योंकि “मोदी जी सबके लिए प्रयास कर रहे हैं।”
विपक्ष और संसद की भूमिका पर व्यंग्य
उन्होंने कहा कि देश में विपक्ष की ज़रूरत ही नहीं बची, क्योंकि लोकसभा में विपक्ष मुद्दों पर चर्चा चाहता है, जबकि सरकार सेवा तीर्थ पर चर्चा नहीं चाहती।उनका व्यंग्य यहीं नहीं रुकता- वे कहते हैं कि मोदी जी सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि भूगोल भी बदलने वाले हैं। अरावली पर्वत तक के खनन आदेश शुरू हो चुके हैं। दिल्ली का फेफड़ा फट रहा है, लोग “बचाओ-बचाओ” चिल्ला रहे हैं, लेकिन सरकार सेवा कार्यों में व्यस्त है। वे कहते हैं कि लोग परेशान हैं, सरकार परेशान है, और वे खुद भी खांसी से परेशान हैं।
दिल्ली के “मफलर वाले” नेता पर तंज
अजय सिंह उपाध्याय ने कहा – “आजकल वो मफलर वाले दिखाई कहां देते हैं? सत्ता मिलने से पहले तो जनता के बीच आंदोलन करते थे, फिर सत्ता का मज़ा चखा, अब जेल का भी मज़ा चख लिया। अब ईडी-सीबीआई का डर सता रहा है।”
विपक्ष पर कार्रवाई और नया जन आंदोलन
उन्होंने कहा कि “एक दिन पहले राहुल गांधी और सोनिया गांधी को लेकर भी खबर आई कि नई एफआईआर दर्ज हो गई। आप जिन अलग-अलग मामलों का ज़िक्र कर रहे हैं—कानूनी दाँव–पेंचों में फंसाने का, अलग-अलग तरीकों से परेशानी बढ़ाने का—इन सबके बावजूद विपक्ष बोलता रहेगा। हम तो चंपारण के लोग हैं। गांधी जी को भी फंसाने का प्रयास हुआ था, और गांधी जी मुस्कुराते हुए अदालत में पेश हुए थे। उसी तरह इस देश में एक नया जन आंदोलन फिर शुरू होने वाला है।”

