भारत में विविधता के कारण सभी मान्यता प्राप्त भाषाएं महत्वपूर्ण हैं.

संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में मान्यता दी गई है.

अंग्रेजी को सहायक राजभाषा के रूप में उपयोग किया जाता है.

इसके अलावा भारत में 22 अनुसूचित भाषाएं हैं,

उनमें हिन्दी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, मराठी, गुजराती, मलयालम, कन्नड़, उड़िया, पंजाबी, असमिया, मैथिली, संथाली, कश्मीरी, नेपाली, कोंकणी, सिंधी, डोगरी, मणिपुरी, बोडो, संस्कृत, और उर्दू शामिल हैं.

प्रत्येक राज्य अपनी क्षेत्रीय भाषाओं का उपयोग करता है.

लेकिन हिन्दी को राजभाषा के रूप में प्राथमिकता दी जाती है.

तो भारत की कोई एक राष्ट्रीय भाषा नहीं है.